नमस्कार! स्वागत है आपका राजस्थान पत्रिका के आध्यात्मिक मंच पर,
जहाँ हम प्रतिदिन लाते हैं आपके लिए सटीक और प्रामाणिक दैनिक पंचांग।
इस वीडियो में जानिए:
🔹 आज की तिथि, नक्षत्र और योग
🔹 शुभ मुहूर्त: विवाह, गृह प्रवेश, वाहन क्रय आदि के लिए
🔹 राहुकाल, गुलिक काल और अभिजीत मुहूर्त
🔹 सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रराशि
🔹 व्रत, पर्व और विशेष तिथि का महत्व
हमारा पंचांग तैयार किया गया है उज्जैन के सुप्रसिद्ध पंचांगकर्ता ज्यो. पं. चंदन श्यामनारायण व्यास जी द्वारा,
जिनके गहन अनुभव और ज्ञान के आधार पर आप अपने दिन की योजनाएं बना सकते हैं।
(आज का पंचांग – गुरुवार, 17 जुलाई, 2025)
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 21 मु्हर्रम
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा ऋतु
मास – श्रावण
पक्ष – कृष्ण
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 7:29 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 10:51 से 3:55 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 5:37 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – सप्तमी तिथि सायं 7:10 तक तदुपरान्त अष्ठमी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 1:30 से 3:00 तक रहेगा
नक्षत्र – रेवती नक्षत्र प्रातः 3:39 तक होगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा।
योग – अतिगंड योग दिन 9:29 तक होगा तदुपरान्त सुकर्मा योग रहेगा।
करण – विष्टि करण दिन 8:06 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से संपूर्ण दिनरात
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा सूर्योदय से दिन 8:06 तक, कालाष्टमी, पंचक सूर्योदय से प्रातः 3:39 तक, शीतला सप्तमी (उड़ी.), गंडमूल संपूर्णं दिनरात,
चन्द्रमा – आज प्रातः 3:39 तक मीन राशि में होगा तदुपरान्त मेष राशि में प्रवेश होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज प्रातः 3:39 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मीन होगी तदुपरान्त मेष राशि होगी। आज प्रातः 3:39 तक रेवती नक्षत्र होगा, तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर दे, दो, चा, ची, चू पर रखे जा सकते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं।
पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्