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क्या आप जानते हैं वास्तव में क्या होता है तीर्थ स्थल, जानें इनका महत्व, हिंदू धर्म के पवित्र तीर्थ स्थल

क्या आपके दिमाग में कभी यह सवाल आया है कि आखिर तीर्थ का क्या अर्थ है? या फिर यह कि तीर्थ स्थल क्या होते हैं? अगर हां तो आपके इन सवालों का जवाब दे रहा है पत्रिका. कॉम। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं सनातन धर्म में तीर्थ क्या है? इनके तीर्थ स्थल कौन-कौन से हैं और इन तीर्थ स्थलों का महत्व क्या है?

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Sanjana Kumar

Dec 26, 2022

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भोपाल। कोई भी धर्म हो, हर धर्म में तीर्थ स्थलों और उनके महत्व के बारे में बताया गया है। पर क्या आपके दिमाग में कभी यह सवाल आया है कि आखिर तीर्थ का क्या अर्थ है? या फिर यह कि तीर्थ स्थल क्या होते हैं? अगर हां तो आपके इन सवालों का जवाब दे रहा है पत्रिका. कॉम। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं सनातन धर्म में तीर्थ क्या है? इनके तीर्थ स्थल कौन-कौन से हैं और इन तीर्थ स्थलों का महत्व क्या है?

इसे कहते हैं तीर्थ
तीर्थ संस्कृत का शब्द है और इसका अर्थ है पाप से तारने वाला या पार उतारने वाला। पुण्य-पाप की भावना सभी धर्मों में हैं। इस भावना का, तीर्थ का अभिप्राय है पुण्य स्थान या ऐसा स्थान जो पुनीत हो और अपने यहां आने वालों में भी पवित्रता का संचार कर सके। ऐसा नहीं है कि भारतीय धर्मों में ही तीर्थ की मान्यता हो। बौद्ध, जैन और सिक्ख धर्मों के अलावा ईसाई, इस्लाम, पारसी, यहूदी, ताओ, शिंतो आदि धर्मों में भी तीर्थों की मान्यता है।

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यहां पढ़ें तीर्थों का महत्व
तीर्थयात्रा को सभी धर्मों ने बहुत महत्व दिया है। यह अनायास नहीं है। इस महत्व की वजह यात्रा के बाहरी स्वरूप से हट कर रही है। वह वजह तीर्थयात्री में पवित्र भावों का संचार करने के अलावा और गहन है। ओशो के अनुसार कहीं भी जाकर एकांत में साधना करें तो बहुत कम संभावना है कि आपको आस पास किसी विशिष्ट चेतना की अनुभूति हो, लेकिन तीर्थ में ध्यान करें तो बहुत जोर से होगा। कभी-कभी तो यह उपस्थिति इतनी गहराई से अनुभव होती है। ऐसा लगेगा कि स्वयं कम हैं और अपने भीतर तथा आस-पास दूसरा कोई है जो आपसे ज्यादा है।

हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण तीर्थ हैं ये धाम
हिन्दू धर्म के तीर्थ प्राय: देवताओं के निवास-स्थान महत्वपूर्ण तीर्थ हैं और इसके अलावा कई तीर्थ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तियों के जीवन से भी सम्बन्धित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए मास्को में लेनिन की समाधि साम्यवादियों के लिए एक तीर्थ है। भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने के लिए आदि शंकराचार्य ने भारत की चार दिशाओं में चार धामों की स्थापना की। उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वरम, पूरब में जगन्नाथपुरी और पश्चिम में द्वारिका। हिन्दुओं के यह चार धाम हैं। पूर्व में हिन्दू इन धामों की यात्रा करना अपना पवित्र कर्तव्य मानते थे। कालान्तर में हिन्दुओं के नये तीर्थ भी जुड़ते गए।

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यहां पढ़ें चार धाम सबसे बड़े तीर्थ स्थल

हिन्दु ग्रंथों में भारत में स्थित चार धामों को विशेष महत्व दिया गया है। धर्म से जुड़ा हर व्यक्ति चाहता है कि वह जीवन में एक बार इन चार धामों की यात्रा जरूर करे।

1. बद्रीनाथ
2. द्वारिका
3. रामेश्वरम
4.जगन्नाथ पुरी

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ये भी हैं महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल
यहां आपको जानकर हैरानी होगी कि वर्तमान में पूरे भारत में सैकड़ों तीर्थ स्थल हैं। लेकिन अब प्रसिद्ध चार धामों के अलावा अन्य 16 महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल भी हैं, जहां लोग अब तीर्थ यात्रा पर जाने की इच्छा रखते हैं।

1. केदारनाथ
2. गंगोत्री
3. यमुनोत्री
4. सोरों शूकरक्षेत्र
5. वाराणसी
6. शाकम्भरी देवी सहारनपुर
7. प्रयाग
8. ऋषिकेष
9. हरिद्वार
10. वैष्णो देवी
11. बाबा धाम
12. तिरुपति
13. वृंदावन
14. शिरडी
15. गंगासागर
16. पशुपतिनाथ

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