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Yamgand: हर दिन कुछ घंटे तक रहता है यमराज का समय! यमगंड में भूलकर भी न करें ये 5 काम

Yamgand: यमगंड काल को यमराज का समय माना जाता है। यह हर दिन करीब डेढ़ घंटे आता है और इसे अशुभ समय कहा गया है। जानें सोमवार से रविवार तक यमगंड का समय और किन कामों से इस दौरान बचना चाहिए।

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भारत

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Dimple Yadav

Aug 19, 2025

Yamgand Kya Hota Hai

Yamgand Kya Hota Hai (photo- chatgpt)

Yamgand: ज्योतिष शास्त्र में शुभ मुहुर्त का काफी महत्व बताया गया है। कोई भी अच्छा काम करना हो तो हम शुभ घड़ियां देखतें हैं। वैसे ही ज्योतिष शास्त्र में अशुभ समय का भी जिक्र किया गया है। आमतौर पर राहुकाल और भद्रा को अशुभ मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहुकाल की तरह ही एक और समय होता है, जिसे यमगंड कहा जाता है। जो हर दिन में कुछ घंटे के लिए होता है।

यमगंड को मृत्यु के देवता यमराज का समय माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। इससे असफलता, नुकसान या अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस समय कोई भी मांगलिक या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए।

यमगंड क्या है?

यमगंड का मतलब होता है वो समय जब यमराज का प्रभाव सबसे अधिक होता है। ज्योतिष में इसे मौत, नुकसान, डर और अपशकुन का समय माना जाता है। यह हर दिन लगभग 1.5 घंटे के आसपास होता है और सप्ताह के हर दिन इसका समय अलग-अलग रहता है। तो आइए जानते हैं क्या है इसका सही समय।

हर दिन यमगंड का समय

  • सोमवार – सुबह 10:47 से 12:25 बजे तक
  • मंगलवार – सुबह 09:08 से 10:46 बजे तक
  • बुधवार – सुबह 07:31 से 09:09 बजे तक
  • गुरुवार – सुबह 05:53 से 07:31 बजे तक
  • शुक्रवार – दोपहर 03:39 से 05:16 बजे तक
  • शनिवार – दोपहर 02:01 से 03:38 बजे तक
  • रविवार – दोपहर 12:23 से 02:00 बजे तक

ध्यान रहे, ये समय सूर्योदय और स्थान के हिसाब से थोड़ा बदल भी सकता है।

यमगंड में ये काम बिल्कुल न करें

  • लापरवाही से वाहन न चलाएं – इस दौरान दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
  • कोई नया काम शुरू न करें – नए काम में असफलता या नुकसान हो सकता है।
  • नई नौकरी या बिजनेस न शुरू करें – वरना आगे दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
  • विवाह, सगाई या विदाई न करें – ये शुभ काम अशुभ असर दे सकते हैं।
  • सर्जरी से डिलीवरी न करवाएं – बच्चे के लिए ये समय ठीक नहीं माना जाता।
  • शुभ संस्कार न करें – जैसे मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश आदि।