
Akhilesh yadav
लखनऊ. मध्यप्रदेश सरकार में सहयोग के बदले विधायक को मंत्री का दर्जा न देने से आहत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को यूपी में बिना कांग्रेस के महागठबंधन करने के साफ संकेत दे दिए। इसी के साथ उन्होंने दूसरे राज्यों के दलों के इस महागठबंधने में साथ में लाने पर भी बड़ी बात कही, जिसमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव मुख्य रूप से शामिल रहे। अखिलेश ने उनसे जल्द ही मुलाकात की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि 2019 में गठबंधन मजबूत होगा। इसमें कई महान दल एक साथ आए, इसके लिए कई महीनों से प्रयास चल रहा है। मैं धन्यवाद देता हूं तेलंगाना के मुख्यमंत्री को कि इस प्रयास में वो काम कर रहे हैं। मेरी उनसे 25 या 26 को मुलाकात होने वाली थी, लेकिन मैं उनसे बात कर समय लूंगा और उनसे मिलने हैदराबाद जाऊंगा। उनकी कोशिश है कि एक फेडेरल फ्रंट देश में बने।
कांग्रेस-बीजेपी ने समाजवादियों का रास्ता साफ कर दिया-
इससे पहले मीडिया बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि हम कांग्रेस का धन्यवाद देना चाहेंगे कि मध्य प्रदेश में हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया। हम कांग्रेस और बीजेपी दोनों का धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने कम से कम समाजवादियों का रास्ता साफ कर दिया। जबकि सपा का विधायक मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन दे रहा था।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 214, बसपा को दो व सपा को एक सीट मिली थी, जिसके बाद बहुमत के लिए जरूरी सीटों को जुटाने के लिए सपा-बसपा ने कांग्रेस को बिना शर्त अफना समर्थन दिया था।
भाजपा ने जाति और धर्म पर वोट मांगा-
अखिलेश ने आगे कहा कि हम समाजवादियों को न जाने क्या क्या कहा गया था। आपको याद होगा उपचुनाव के दौरान समाजवादियों को लेकर कहा था कि ये गठबंधन करने जा रहे दल क्या हैं। कैसे-कैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। मैं उन्हें कई बार धन्यवाद दे चुका हूं। मैं भारतीय जनता पार्टी का इस बात का भी धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने हमें बैकवर्ड समझा। हम तो खुद को बैकवर्ड ही नहीं समझते थे। हम तो सबको साथ लेकर चलना चाहते थे। काम पर वोट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा ने जाति और धर्म पर वोट मांगा।
Published on:
26 Dec 2018 09:36 pm
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