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गणतंत्र दिवस पर अखिलेश यादव ने दिया बड़ा बयान, भाजपा सरकार के लिए कहा यह

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी प्रदेश व देशवासियों को शुभकामनाएं दी.
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Akhilesh yadav

Akhilesh yadav

लखनऊ. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी प्रदेश व देशवासियों को शुभकामनाएं दी। जारी एक बयान में उन्होंने कहा है कि आज के दिन ही भारत में गणतंत्र को संवैधानिक स्वरूप एवं मान्यता मिली थी। भारत के संविधान की प्रस्तावना का निर्माण भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए किया गया।

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भाजपा ने संविधान की मूल आत्मा पर आघात करने का किया काम-

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की प्रस्तावना में सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता और समानता की गारंटी है। पंथनिरपेक्षता और समाजवाद के लिए प्रतिबद्धता है। भाजपा सरकार ने संविधान की मूल आत्मा पर ही आघात करने का काम किया है। उसे समाजवाद से चिढ़ है और उसकी नीयत समाज को बांटने तथा नफरत का जहर फैलाने की है। सत्ता के लिए एकाधिकारी प्रवृत्ति के साथ भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है।

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भाजपा के रहते स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्य नहीं रह सकते सुरक्षित-

अखिलेश याजव ने कहा कि भाजपा ने सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांतों की अवहेलना के साथ लोगों को संविधान प्रदत्त अधिकारों से वंचित करने की ठान ली है। व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नियंत्रण और अवमूल्यन किया जा रहा है। भाजपा के रहते भारत की स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्य सुरक्षित नहीं रह सकते हैं।

हजारों लोगों ने दी कुर्बानियां-

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत को आजादी बड़े संघर्षों के बाद मिली है। हजारों लोगों ने इसके लिए कुर्बानियां दी हैं। समाजवादी स्वतंत्रता संग्राम और भारत की स्वाधीनता के बाद दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, छात्रों-नौजवानों को अधिकार दिलाने के लिए निरन्तर आवाज बुलंद करते रहे। भारत के संविधान के अनुसार देश का हर व्यक्ति गरिमा और सम्मान से जीवन व्यतीत करने का अधिकार प्राप्त है।