
Akhilesh Letter
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश के नाम एक खुला पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए लोकतंत्र पर मंडरा रहे बड़े खतरे की ओर इशारा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ढाई आदमी और मीडिया देेश को बर्बाद कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने जनता से संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।
पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम पर कहा यह-
उन्होंने लिखा कि इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारे संप्रभु, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है। आज बंगाल पर जिस तरह से हमला हो रहा है वह सिर्फ हमारे मूल्यों पर हमला नहीं है बल्कि हमारे संविधान के संस्थापकों पर भी हमला है। बीजेपी का संविधान में विश्वास नहीं है। इसलिए बीजेपी और उसकी सहयोगी संस्था आरएसएस के सभी संस्थापकों ने संविधान का हमेशा विरोध किया है।
भाजपा की आईटी सेल का नाम है इनटेरनेट टेररिस्ट सेल-
उन्होंने कहा कि आज हमारे प्राकृतिक संसाधन, यहां तक के देश को युवाओं को उन उद्योगपतियों को बेचा जा रहा है जो भाजपा को फंडिंग करते हैं। भाजपा इन उद्योगपतियों के अनुकूल ही योजनाएं ला रही है और उन्हें फायदा पहुंचा रही है। वहीं पर अल्पसंख्यक वर्ग इस डर के साए में जी रहा है कि कब वह मॉब लिंचिंग का शिकार बन जाए या भाजपा के आईटी सेल, जिसका नाम है इंटरनेट टेररिस्ट सेल, द्वारा फैलाए जा रहे अफवाह का वह शिकार बन जाए।
भाजपा की यह है साजिश-
पिछले 24 घंटों में बंगाल में जो हुआ उससे यह साफ हो गया है कि बीजेपी का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। उनकी रणनीति है कि जो दल इनके साथ नहीं है उनको सीबीआई के चक्कर में फंसाओं। सत्ताधारी राजनेताओं को कानूनी लड़ाई में उलझाओ, उन पर देश द्रोह का आरोप लगाओ। ऐसा करके ये लोग अगले 50 सालों तक राज करना चाहते हैं।
ममता बनर्जी का अतीत दिलाया याद-
ममता बनर्जी पर हमला करन वाले ये ढाई आदमी शायद उनके अतीत को भूल गए हैं। यह वही महिला हैं जिन्हें एक बलात्कारी को जेल भेजने की मांग पर ज्योति बसु के दफ्तर के बाहर बाल पकड़कर निकाला गया था। यह वही महिला हैं जिन्होंने बंगाल से कम्युनिस्ट पार्टी को उखाड़ बाहर फेंका था और किसानों को अपनी जमीन न खोनी पड़ी उसके लिए इसी महिला ने उद्योगपतियों का डट कर सामना किया था।
राजनीतिक हमलों का जवाब दे और विरोध करने का किया आह्वान-
अखिलेश ने पत्र में आगे लिखा है कि अब समय आ गया है कि सीबीआई, आईएएस, आईपीएस और अन्य राष्ट्रीय संस्थाएं अपने ऊपर हो रहे राजनीतिक हमलों का जवाब दे और विरोध करें। मैं प्रार्थना करता हूं कि जो लोग मीडिया में काम हैं वे भी बिना डर के अपनी बात रखें। आप मेरी बात से असहमत भी हों सकते हैं, लेकिन अपना मूल्यवान वोट उसी को दें जो आपका प्रतिनिधित्व ठीक तरह से कर सकते हैं। और इन ढाई लोगों के हमारे देश के आधार को नष्ट करने से रोके।
Updated on:
05 Feb 2019 10:11 pm
Published on:
05 Feb 2019 10:11 pm
