औरैया. महिला सशक्तिकरण के नाम पर सरकार चाहे जितने दावे करे, लेकिन अपराध हो या अन्य महिला संबंधित मामले हों, पहले तो मामले दबाने का काम किया जाता है। जो मामले तूल पकड़ते है या जानकारी में आ जाते है उनमें ही कार्रवाई हो पाती है। ऐसा ही एक मामला औरैया के अछल्दा का है। जहां एक महिला को न्याय के लिए पुलिस प्रशासन के चक्कर काटने के बाद भी न्याय नहीं मिला। आखिरकार मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर महिला के साथ हुई मारपीट के मामले में 3 साल बाद अछल्दा थाने में पुलिस अधीक्षक के पीआरओ के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया गया है।