बचाई जा सकती थी गर्भस्थ शिशु की जान!
महिला के परिजनों का आरोप है यदि स्टाफ नर्स समय से इलाज शुरू कर देती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। सुनीता पत्नी देशराज के परिजनों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हम लोगों को सरकारी अस्पताल ही सहारा है, वो भी मुसीबत में दगा दे जाता है। जब अस्पताल में भर्ती कराया था वहां तैनात स्टाफ नर्स रानी कुशवाहा ने पीड़ित का उपचार नहीं किया और उसे रोके रखा। हालत बिगड़ने पर महिला के परिजनों ने जबरन उसे विधूना के प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां गर्भवती महिला को तो किसी तरीके से बचा लिया गया, लेकिन बच्चा मृत पैदा हुआ।