
औरैया. जनसंख्या नियंत्रण के तहत नसबंदी कराने वालों के लिए एक खुशखबरी है। सरकार ने नसबंदी कराने के बाद असफल होने पर 30 हजार रुपये और मृत्यु होने पर दो लाख रुपये दिए जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा कई बार हुआ है कि नसबंदी के बाद भी उनके बच्चे पैदा हो गए। इसको लेकर कई बार परिवारों में भी आपसी झगड़े हुए और संबंधित शिविरों में भी बबाल हुआ है। इसको लेकर जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत क्वालिटी एश्योरेंस समिति सेल की प्रथम बैठक आयोजित की गई। नसबन्दी कराने वाले व्यक्तियों के नसबन्दी क्षतिपूर्ति केसों पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डिप्टी सीएमओ सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में वर्ष 2017-18 में 100 नसबंदी कराने का लक्ष्य था, जिसमें अब तक 35 लोगों की नसबंदी हुई है। इनमें 19 व्यक्तियों की नसबन्दी असफल पायी गई है। इसमें सभी लाभार्थियों को 30 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति धनराशि शासन द्वारा दी जायेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति योजना के अन्तर्गत भुगतान की जाने वाली क्षतिपूर्ति के अनुसार, नसबन्दी के दौरान या उसके बाद 07 दिन के अन्दर मृत्यु हो जाने पर 02 लाख, नसबन्दी हो जाने के 08 से 30 दिन के अन्दर मृत्यु होने पर 50 हजार, नसबन्दी कराने के बाद 60 दिन के अन्दर कोई अन्य दिक्कत आने पर 25 हजार रुपये तक का अस्पताल का खर्च एवं नसबन्दी असफल हो जाने पर लाभार्थी को 30 हजार रुपये देने का प्रावधान है। यह योजना 01 अप्रैल 2013 से प्रदेश में लागू है।
नसबंदी कराने पर सरकार देती है इतनी धनराशि
स्वास्थ्य विभाग में परिवार नियोजन योजना देख रही आशा वर्मा ने बताया कि महिला को नसबंदी कराने पर जनरल कैम्प में 1600 और एनटीपीसी के कैम्प में 2200 रुपये सरकार की ओर से दिए जाते हैं। नसबंदी कराने पर पुरुषों को सरकार की ओर से 2400 रुपये की धनराशि दी जाती है।
अक्टूबर में लगेंगे नसबंदी कैंप
आशा वर्मा ने बताया कि गर्मी के कारण 15 मार्च से सितंबर माह तक नसबंदी नहीं होगी। इसके बाद अक्टूबर माह में कैम्प चालू हो जाएंगे। कैम्प प्रत्येक सप्ताह आयोजित किये जाते जाते हैं।
Published on:
04 May 2018 04:12 pm

बड़ी खबरें
View Allऔरैया
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
