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औरंगाबाद में ट्रिपल मर्डर: चाचा ने एक-एक कर 3 भतीजे-भतीजी का काटा गला, फिर खुद को भी किया लहूलुहान

औरंगाबाद में एक सगे चाचा ने अपने ही तीन मासूम भतीजे-भतीजियों की बेरहमी से हत्या कर दी। इन मासूमों का गला काटने के बाद, उसने खुद भी अपनी जान लेने की कोशिश की, हालांकि वो बच गया और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।

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मृत बच्चों के बाहर ग्रामीणों की लगी भीड़

Bihar News:बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले खुटहन गांव में शुक्रवार सुबह एक ट्रिपल मर्डर हुआ। जहां एक चाचा ने अपने बड़े भाई के तीन मासूम बच्चों का तेज धार हथियार से गला काटकर बेरहमी से कत्ल कर दिया। इसके बाद, आरोपी चाचा अमन कुमार ने अपना गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की। फिलहाल उसका इलाज एक अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

तीनों मृत बच्चों की पहचान 10 साल के अनीश, 7 साल के आयुष और 5 साल की अनुष्का के रूप में हुई है। जिस समय अमन ने यह अपराध किया, उस समय बच्चों के पिता घर पर नहीं थे। घर में केवल मां और बच्चे ही मौजूद थे। इस घटना के बाद, पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल छा गया है।

स्पीकर की आवाज में दब गईं चीखें

पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से जो सच्चाई सामने आई है, उसके अनुसार आरोपी अमन ने इस हत्याकांड की पूरी योजना पहले से ही बना रखी थी। शुक्रवार सुबह करीब 10:00 बजे, जब बच्चों की मां अनीता देवी घर के कामों में व्यस्त थीं, तब अमन तीनों बच्चों को मोबाइल फोन पर वीडियो दिखाने का बहाना बनाकर अपने कमरे में ले गया।

जैसे ही बच्चे कमरे में घुसे, उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके अलावा, उसने दरवाजे के पीछे एक भारी ड्रम रख दिया ताकि कोई भी अंदर न आ सके। फिर उसने कमरे के अंदर लगे स्पीकरों की आवाज पूरी तरह बढ़ा दी, ताकि बच्चों की चीखें और मदद के लिए उनकी बेबस गुहार बाहर किसी को भी सुनाई न दे। तेज संगीत की आवाज के बीच, उसने एक-एक करके तीनों मासूम बच्चों का गला काट दिया। इसके बाद उसने अपना गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उसकी सांस चलती रही।

कमरे में खून से लथपथ पड़े थे मासूम

जब बच्चों की मां नहाकर आई और गाना बजने की तेज आवाज सुनी तो वो कमरे के पास पहुंची। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उन्हें अनहोनी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया और उनकी मदद से जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई।

जमीन पर खून फैला हुआ था। तीनों मासूम बच्चे एक साथ बेजान पड़े थे, जबकि पास ही आरोपी अमन भी लहूलुहान हालत में तड़प रहा था। पहले तो गांव वालों को लगा कि चारों की मौत हो चुकी है, लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि अमन की सांसें अभी भी चल रही हैं, तो वे तुरंत उसे अस्पताल ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे विशेष इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।

वारदात के समय ड्यूटी पर थे पिता

मृत बच्चों के पिता गुड्डू कुमार भगत रेलवे पैंट्री कार में काम करते हैं और घटना के समय ड्यूटी पर थे। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस भाई पर उन्हें इतना भरोसा था, वही उनकी खुशहाल और पूरी दुनिया को उजाड़ देगा। पड़ोसियों ने बताया कि बच्चे रोज उसके साथ खेलते थे। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पड़ोसी इस घटना से सदमे में हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे SDPO अशोक कुमार दास ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले को सभी एंगल से जांच रही है। हालांकि चाचा ने अपने ही भतीजे-भतीजी का कत्ल क्यों किया अब तक इसका कारण पता नहीं चल पाया है। SDPO ने कहा कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और इस घटना के पीछे का पूरा सच जल्द ही सामने आ जाएगा।