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रात भर खोजते रहे माता-पिता, सुबह तालाब में मिली मासूमों की लाश; घर से खेलने निकले थे वैष्णवी और रंजन

बिहार के औरंगाबाद में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई है। खेलते-खेलते वे दोनों एक तालाब के पास चले गए, जहां उनका पैर फिसल गया और वे पानी में गिर गए।

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औरंगाबाद में भाई-बहन की डूबकर मौत

Bihar News: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक भाई और बहन की तालाब में डूबने से दुखद मौत हो गई। मृतकों की पहचान 5 साल की वैष्णवी कुमारी और उसके 3 साल के रंजन कुमार के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना मदनपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के उमगा टोले बरछीवीर गांव की है और यह बच्चों के नाना-नानी का घर था।

खेलते-खेलते हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मूल रूप से नालंदा जिला के रहने वाले विक्की सिंह पिछले कई सालों से अपने ससुराल बरछीवीर गांव में रह रहे थे और आइसक्रीम तथा गोलगप्पे बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे उनके दोनों बच्चे घर के पास ही खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे गांव के उत्तर दिशा में स्थित पानी से भरे एक गड्ढे की ओर चले गए। आशंका है कि खेलते समय छोटा भाई रंजन पहले फिसल गया, उसकी बड़ी बहन वैष्णवी ने शायद उसे बचाने के लिए उसका हाथ पकड़ा होगा, लेकिन पानी की गहराई के कारण कुछ ही सेकंड में दोनों पानी में समा गए।

टॉर्च लेकर रात भर ढूंढते रहे माता-पिता

जब शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे तो उनकी मां पलक देवी और पिता विक्की सिंह की चिंता बढ़ती गई। शुरू में उन्हें लगा कि बच्चे कहीं आस-पास ही खेल रहे होंगे। हालांकि, जब काफी देर बाद भी उनके बारे में कोई खबर नहीं मिली, तो उनकी तलाश शुरू की गई। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने बच्चों को उत्तर दिशा की ओर खेलते हुए देखा था। इसके बाद पूरी रात परिजन और ग्रामीण टॉर्च लेकर हर गली और झाड़ियों में बच्चों को ढूंढते और पुकारते रहे।

किसी ने बताया कि उसने बच्चों को तालाब की ओर जाते हुए देखा था। बुधवार सुबह जब ग्रामीणों ने गांव के किनारे वाले गड्ढे में उतरकर तलाश की, तो एक-एक कर दोनों बच्चों के शव पानी के ऊपर दिखाई दिए। शवों को बाहर निकालते ही गांव में चीख-पुकार मच गई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जैसे ही बच्चों की मौत की खबर घर पहुंची, उनकी मां पलक देवी बेकाबू होकर रोने लगीं और पूरी तरह से टूट गईं। सदमे के कारण वह बार-बार बेहोश हो रही थीं। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के आस-पास ऐसे कई खतरनाक गड्ढे हैं, जो बारिश के बाद जानलेवा जाल बन जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन गड्ढों को तुरंत भर दिया जाए और तालाबों के आस-पास सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में वैष्णवी और रंजन जैसे किसी और बच्चे को अपनी जान न गंवानी पड़े।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों मासूम बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया गया है। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।