
Cruise Control System (Image: Gemini)
Cruise Control System: आज के समय में ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई-नई तकनीकें आ रही हैं जो ड्राइविंग को पहले से अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बना रही हैं। इन्हीं में से एक तकनीक क्रूज कंट्रोल सिस्टम है। चलिए जानते हैं कि आखिर क्या है क्रूज कंट्रोल सिस्टम और कार में यह कैसे काम करता है।
क्रूज कंट्रोल एक ऐसा फीचर है जिससे कार की स्पीड को एक बार सेट करने के बाद ऑटोमेटिक रूप से वही स्पीड बनी रहती है। ड्राइवर को लगातार एक्सीलेरेटर दबाकर रखने की जरूरत नहीं होती। यह फीचर खासतौर पर लंबी दूरी की हाईवे ड्राइविंग के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है।
इस सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और कंट्रोल यूनिट शामिल होते हैं। जब ड्राइवर कोई निश्चित स्पीड सेट करता है तो गाड़ी उसी स्पीड पर चलती रहती है। जैसे ही ब्रेक या क्लच दबाया जाता है सिस्टम अपने आप बंद हो जाता है।
इसका एक एडवांस रूप एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल है, जिसमें गाड़ी आगे चल रही गाड़ी से दूरी बनाए रखते हुए खुद-ब-खुद स्पीड कम या ज्यादा कर सकती है।
ड्राइवर की थकान कम होती है, खासकर लंबी यात्राओं में।
स्पीड स्थिर रहने से ईंधन की खपत में बचत होती है।
सफर ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित होता है।
एडवांस वर्जन ट्रैफिक में भी काम करता है।
पहले यह फीचर पहले केवल महंगी और लग्जरी गाड़ियों में मिलता था लेकिन अब यह धीरे-धीरे मिड-रेंज गाड़ियों में भी उपलब्ध हो रहा है। जैसे कि हुंडई क्रेटा, मारुति ग्रैंड विटारा, टाटा हैरियर, एमजी एस्टर, महिंद्रा XUV700 जैसी गाड़ियों में यह फीचर अब स्टैंडर्ड या वैकल्पिक रूप से क्रूज कंट्रोल मिल रहा है।
क्रूज कंट्रोल को सेमी-ऑटोनॉमस ड्राइविंग की ओर पहला कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में जैसे-जैसे सड़कों और ट्रैफिक सिस्टम में सुधार होगा यह तकनीक भारत में और व्यापक रूप से उपयोग में लाई जाएगी।
Updated on:
07 Jul 2025 01:43 pm
Published on:
07 Jul 2025 01:43 pm
