
सरकार ने रोकी 10000 इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलीवरी, वजह जानकर कोई भी हो जाएगा परेशान
नई दिल्ली: पेट्रोल, डीजल की आसमान छूती कीमतों ने सभी को परेशान कर रखा है।आम आदमी ही नहीं बल्कि सरकार की नींद भी उड़ी हुई है। सरकार ने बीते साल 10000 इलेक्ट्रिक वाहनों का ऑर्डर दिया था जिनकी डिलीवरी का टाइम आ गया था लेकिन सरकार ने इन वाहनों की डिलीवरी एक साल के लिए टाल दी।
दरअसल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए कुछ पेट्रोल पंपों को चार्जिंग स्टेशन में बदलना था, लेकिन वक्त रहते ऐसा हो नहीं पाया। ऐसे में डिलीवरी होने के बावजूद इन वाहनों का उपयोग संभव नहीं था । इसीलिए सरकार ने इन वाहनों को चलाने की योजना आगे बढ़ा दी।
रजनीकांत से लेकर जकरबर्ग तक की पहली पसंद है ये सस्ती कारें, जानकर हो जाएंगे हैरान
बता दें कि इन वाहनों का इस्तेमाल सरकार द्वारा किया जाना था और इसके लिए सरकार ने बाकायदा टेंडर जारी किया था। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने इस टेंडर को जीतने में सफलता हासिल की थी।इस योजना के अनुसार इस वर्ष 2018 में जून माह तक वाहनों की आपूर्ति हो जानी थी। सरकारी संस्था एनर्जी इफिशिएंसी सर्विस लिमिटेड Energy Efficiency Services Ltd. (EESL) ने बीते वर्ष 2017 के सितंबर माह में ये टेंडर जारी किया था। जिसमें 10,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति की जानी थी।
देश भर में चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण के फेल होने के पीछे एक प्रमुख कारण ये है कि, अभी उनकी उतनी डिमांड नहीं है और न ही सकारात्मक रिस्पांस ही मिल रहा है।ये भी पता चल रह है कि ईईएसएल दूसरे टेंडर को जारी करने की योजना बना रहा है।
सरकार देश में ईंधन की खपत और उसकी निर्भरता में कमी लाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहती है।यदि सरकार खुद इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग करेगी तो इससे कम से कम ईंधन का उपभोग होगा और इसका फायदा देश को भी मिलेगा।फिलहाल सरकार की योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
आपको मालूम हो कि दिल्ली में अब तक 150 और आंध्र प्रदेश में 100 वाहनों को रिप्लेस किया जा चुका है।लेकिन इतनी बड़ी संख्या में वाहनों को रिप्लेस करने पर आपूर्ति संकट पैदा हो सकता है। क्योंकि पूरे देश में अभी तक सिर्फ २०० चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं जिसमें से 100 दिल्ली और इसके आसपास के इलाको में हैं।
Published on:
01 Jun 2018 02:05 pm

बड़ी खबरें
View Allऑटोमोबाइल
ट्रेंडिंग
