
Nitin Gadkari claims Petrol would be Banned in India in the next 5 years
आने वाले समय में पेट्रोल का इस्तेमाल देश में लगभग खत्म होने वाला है और ये दावा किया जा रहा है केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा। नितिन गडकरी ने दावा किया है कि आने वाले 5 सालों में देश में आपके वाहन पेट्रोल के बजाय ग्रीन फ्यूल पर दौड़ेंगे। उनके हवाले से कहा गया है कि अगले 5 वर्षों में देश में पेट्रोल का उपयोग नहीं होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि महाराष्ट्र के विदर्भ जिले में बन रहे बायो-एथेनॉल का इस्तेमाल वाहनों में किया जा रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन को गहरे कुएं के पानी से बनाया जा सकता है और इसे 65 से 70 रुपये प्रति किलो में बेचा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कथित तौर पर कहा कि देश में अगले पांच वर्षों में पेट्रोल खत्म हो जाएगा, जिसके कारण देश में जीवाश्म ईंधन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
उन्होनें कहा कि, "पेट्रोल के लिए खर्च किए जाने वाले 115 रुपये प्रति लीटर की तुलना में, 65 रुपये प्रति लीटर पर इथेनॉल एक आम व्यक्ति के लिए एक बहुत ही लागत प्रभावी ईंधन साबित होगा।" गडकरी ने किसानों को केवल खाद्य प्रदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा प्रदाता बनने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कोई भी किसान सिर्फ गेहूं, चावल, मक्का लगाकर अपना भविष्य नहीं बदल सकता। इसलिए उन्हें ऐसे फसलों पर भी काम करना चाहिए जिससे उर्जा की समस्या से भी निजात पाया जा सके। बता दें कि, गडकरी इससे पहले भी कई बार अलग-अलग मौकों पर पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भरता कम करने और दूसरे ईंधन विकल्पों पर काम करने पर जोर दिया है।
गडकरी ने कहा, "मैं पूरे विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि पांच साल बाद देश से पेट्रोल खत्म हो जाएगा। आपकी कारें और स्कूटर या तो ग्रीन हाइड्रोजन, एथेनॉल फ्लेक्स फ्यूल, सीएनजी (CNG) या एलएनजी (LNG) पर चलेंगे।" गडकरी ने कृषि शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों से अगले पांच वर्षों में कृषि विकास को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने पर काम करने की भी अपील की है। गडकरी ने महाराष्ट्र के अकोला में ये बयान दिया, जहां उन्हें डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ द्वारा डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।
वाहन निर्माताओं से की थी फ्लेक्स-फ़्यूल इंजन बनाने की अपील:
नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने हाल ही में देश के ऑटो इंडस्ट्री को पारंपरिक फ़्यूल (पेट्रोल-डीजल) के बजाय इथेनॉल, मेथनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य ईंधन विकल्पों वाले वाहनों के निर्माण पर जोर देने को कहा था। जिसके बाद होंडा मोटरसाइकिल स्कूटर इंडिया जैसी कंपनियां पेट्रोल के बजाय Ethanol फ्यूल से चलने वाले वाहनों पर काम करना शुरू भी कर चुकी हैं।
उन्होनें काफी दिनों पहले एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए कहा था कि, “मैं ऑटोमोबाइल उद्योग में सभी से अनुरोध कर रहा हूं कि कृपया आप संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राजील और कनाडा की तरह फ्लेक्स इंजन लाने में हमारा सहयोग करें।” उन्होनें कहा कि, “मैं मानता हूं कि, चारपहिया या दोपहिया दोनों तरह के वाहन पेट्रोल या इथेनॉल फ़्यूल से आसानी से चल सकते हैं।”
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फ्लेक्स-फ़्यूल इंजन सामान्य इंटर्नल कम्ब्यूशन इंजन (ICE) इंजन (जैसा कि आज के समय में वाहनों में इस्तेमाल किया जाता है) जैसा ही होता है, लेकिन ये एक या एक से अधिक तरह के ईंधन से चलने में सक्षम होता है। कई मामलों में इस इंजन में मिक्स फ़्यूल (मिश्रित ईंधन) का भी इस्तेमाल किया जाता है। आम भाषा में समझें तो इस इंजन में पेट्रोल और इथेनॉल या मेथनॉल के मिश्रण का भी प्रयोग किया जा सकता है।
Published on:
09 Jul 2022 06:38 pm
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