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राम मंदिर से आए पूजित चावल का क्या करें? प्राण प्रतिष्ठा से पहले ज्योतिषाचार्य ने बताया महाउपाय

Ram Mandir Ayodhya: रामभक्त घर-घर जाकर प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अक्षत यानी चावल देकर न्योता दे रहे हैं। लेकिन, अधिकतर लोग इस बात को लेकर संशय में हैं कि राम मंदिर से आए पूजित चावलों का क्या करें? आज हम आपको उन अक्षतों के लिए कुछ महाउपाय बतांएगे।

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Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या में 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसको लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार इसको लेकर हाईलेवल मीटिंग कर रहे हैं। साथ ही, पिछले कुछ दिनों से देश के कोने कोने में राम मंदिर उद्घाटन का निमंत्रण भेजा जा रहा है। इसके अलावा गांव-गांव और घरों-घरों तक पूजित अक्षत भेजे जा रहे हैं। रामभक्त घर-घर जाकर प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अक्षत यानी चावल देकर न्योता दे रहे हैं। लेकिन, अधिकतर लोग इस बात को लेकर संशय में हैं कि राम मंदिर से आए पूजित चावलों का क्या करें? कासगंज के सोरों के ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव दीक्षित ने इसको लेकर महाउपाय बताए हैं।

भारतीय प्राचीन सभ्यता के अनुसार, पहले किसी आयोजन या कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता देने के लिए लोग अक्षत का उपयोग करते थे। सनातन धर्म में अक्षत का विशेष महत्त्व है और हिन्दू धर्म में कोई भी पूजा-पाठ, अनुष्ठान या धार्मिक कार्य अक्षत के बिना संपन्न नहीं होता।

निमंत्रण में मिले अक्षत का क्या करें?
पूजित अक्षत के प्रयोग पर ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव दीक्षित ने बताया कि चावल शुक्र ग्रह को दर्शाता है। और शुक्र ग्रह के मजबूत होने से धन वैभव लक्ष्मी समस्त भौतिक सुख सुविधाएं प्राप्त होती हैं। और यदि आपको इसका लाभ लेना है तो चावल को लाल रेशमी कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें। ऐसा करने से मंगल और चंद्र दोनों सक्रिए हो जाते हैं और दोनों मिलकर लक्ष्मी योग का निर्माण करते हैं। इससे घर में खुशियां और समृद्धि आती है। इसके अलावा अक्षत का इस तरह प्रयोग कर सकते हैं।

अक्षत वाले चावल की खीर का प्रसाद बनाएं
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, राम मंदिर से मिले चावलों का बहुत महत्व है। इसलिए प्राण प्रतिष्ठा के बाद इन चावलों से खीर बनाई जा सकती है। और इसे पुरे परिवार के साथ प्रसाद के तौर पर ग्रहण कर सकते हैं। ऐसा करने से घर में समृद्धि बनी रहेगी।

मस्तक पर तिलक करें
राम मंदिर से आया अक्षत शुभता की निशानी है। इसलिए आप उन अक्षतों को संभाल कर भी रख सकते हैं और जब भी कहीं आप शुभ कार्य के लिए घर से निकल रहे हों तो इन चावलों को तिलक के रूप में माथे पर लगा सकते हैं। इस उपाय से कोई भी रुका कार्य आसानी से बन सकता है।

अपनी रसोई में प्रयोग करें
यदि आपको राम मंदिर से आए अक्षत निमंत्रण के रूप में अक्षत मिले हैं और आप ये सोच रहे हैं हैं कि इसका क्या करें? ज्योतिषाचार्य गौरव दीक्षित के अनुसार, जिन लोगों की हाल में शादियां होने वाली हैं तो ऐसे में उनकी दुल्हन अपनी पहली रसोई में इन चावलों का प्रयोग कर सकती है। इस उपाय से घर में खुशहाली आती है और मेल-मिलाप बना रहता है।


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