
सपा सांसद अवधेश प्रसाद
Ayodhya Deepotsav: अयोध्या दीपोत्सव कार्यक्रम में आमंत्रण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें दीपोत्सव में नहीं बुलाया गया। अब त्योहारों का भी राजनीतिकरण होने लगा है। यह बीजेपी की सोच है।
Ayodhya Deepotsav: अयोध्या में बुधवार 30 अक्टूबर को संपन्न हुए दीपोत्सव कार्यक्रम में आमंत्रण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सपा सांसद ने कहा कि कार्यक्रम में मुझे नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि मुझे इसलिए नहीं बुलाया गया कि मैं वहां जाता तो मीडिया में सिर्फ मेरी चर्चा होती। उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के राजनीतिकरण से देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। सपा सांसद ने कहा कि अनेकता में एकता यह हमारे देश का एक सूत्र सिद्धांत है। इसी सूत्र के आधार पर हम और हमारा देश मजबूत है। एक सवाल के जवाब में कहा कि सुना है कि जिनके पास आमंत्रण कार्ड और पास है। उन्हीं को जाना है। हमें तो आमंत्रण कार्ड और पास नहीं मिला है। यह कहना कि हम जाएंगे या नहीं जाएंगे। यह हमारा त्यौहार है। सदियों से यह परंपरा चली आ रही है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बयान पर पलटवार करते हुए मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि वह झूठ बोल रहे हैं। उन्हें आमंत्रण पत्र भेजा गया था। यहां के जनप्रतिनित होने के नाते दीपोत्सव कार्यक्रम में उनके लिए कुर्सी भी आरक्षित थी। फिर भी वह अपनी तुष्टीकरण राजनीति के चलते नहीं आए। दीपोत्सव कार्यक्रम को पूरी दुनिया ने देखा है। अयोध्या का जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। वह समाजवादी पार्टी की छोटी मानसिकता से उबर नहीं पा रहे हैं। सपा के इस मानसिकता के तहत कार सेवकों पर गोलियां चलवा कर खून की नदियां बहाई गई थी। अयोध्या को विकास से वंचित रखा गया था। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे। कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
Updated on:
31 Oct 2024 07:29 pm
Published on:
31 Oct 2024 07:29 pm
