
Iqbal Ansari
अयोध्या. लोकसभा में तीन तलाक सम्बन्धी मुस्लिम विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक को पारित कर दिया गया है। इस बिल में तलाक को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखते हुए तीन वर्ष का कारावास और जुर्माना का प्रावधान रखा गया। इस कानून का मुस्लिमों ने काफी विरोध किया है। धार्मिक नगरी अयोध्या में चल रहे मंदिर मस्जिद विवाद के मुख्य मुद्दई इक़बाल अंसारी ने भी इस कानून पर अपनी असहमति जताई है।
"इसमें मुस्लिम महिलाओं का भी नुकसान"
उन्होंने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि हम मुस्लमान है, हमारे यहाँ भी धर्म का कानून है और हम देश के कानून को मानते हैं और सम्मान करते हैं। हमारे धर्म में तलाक का मामला बहुत पुराना है। हमारे धर्म में मुस्लिम महिला जब किसी के साथ नहीं रहना चाहती है तो तलाक ले लेती है। कोई तलाक देता नहीं है, लेकिन अब जिस तरीके से कानून बनाये गए हैं, जिसमें तलाक पर कई धराएं लगाई जायेंगी, यह सही कानून नहीं है। इसमें मुस्लिम महिलाओं का भी नुकसान है। हमारे यहाँ भी हमारे धर्म के धर्मगुरु है। इस कानून में हमारे किसी भी धर्मगुरु से राय नहीं ली गई है। देश में हम लोगों के लिए अगर कानून बनये जा रहे हैं, तो हमारे लोगों से राय भी ली जानी चाहिए। देश के कानून को मनना हमारा मजहब है।
केवल राजनीति के लिए उठाया तलाक का मुद्दा-
केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मुस्लिम पुरुषों पर ध्यान नहीं देती है। वह सिर्फ मुस्लिम औरतों पर ही ध्यान देती है। हमारे धर्म में तलाक होता है तों हिन्दुओं के घरों में लोग महिलाओं को छोड़ने से पहले आग के हवाले कर देते हैं, उस पर भी कानून बने। हमारे धर्म में तो सिर्फ आपसी तालमेल न होने पर दोनों की रज्जा मांदी पर तलाक होता है, लेकिन भाजपा की सरकार ने सिर्फ अपनी वाह वाही के लिए यह कानून लागू किया है। इन लोगों को किसी की रोजी रोटी का विकास व रोजगार की फ़िक्र नहीं है। सिर्फ तलाक की फ़िक्र है। पूरे देश में एक मुस्लिम माहिला तकरिमा नसरीन ने इसको लवकर मुकदमा दायर कर दिया तो पूरे हिन्दुस्तान में इस बात का बतंगड़ बना दिया गया। पूरी अयोध्या में आज तक कहीं एक बार ही तलाक हुआ होगा। तलाक के मामले को केवल राजनीति में खिलवाड़ बनाने के लिए उठाया जाता है।
"तलाक देने की भी कई प्रक्रिया होती है"-
इक़बाल अंसारी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन तलक कानून के विरोध में मुस्लिम लॉ बोर्ड के साथ हम सभी है। हम इस कानून को मानने के लिए तैयार नहीं। हमारे धर्म में कभी भी किसी लड़की पर कोई अत्याचार नहीं होता है। अत्याचार केवल दिखावा है। तलाक देने की भी कई प्रक्रिया होती है।
Published on:
29 Dec 2017 09:10 pm
