
रामनगरी अयोध्या में बन रहे दिव्य और भव्य मंदिर में विराजमान रामलला के दरबार में पहली बार मंगलवार 27 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी, जिसकी तैयारी धूमधाम से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कर रहा है।श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूूमि पर बन रहे भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान रामलला के दरबार में मंगलवार अथार्त 27 अगस्त को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म ठीक 12 बजे रात में मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रामलला के दरबार में यह पहली बार जन्माष्टमी मनायी जा रही है, जिसकी तैयारी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कर रहा है। उन्होंने बताया कि रामलला उस दिन गुलाबी रंग का वस्त्र पहनेंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने बताया कि इस बार रामलला के दरबार में भव्यता पूर्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने की तैयारी की जा रही है।उन्होंने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान राम के दरबार में यह पहली जन्माष्टमी होगी, जिसमें रामलला को 1.5 कुंतल पंजीरी का भोग लगेगा। इससे पहले 50 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जायेगा। रामलला को अनेक प्रकार के व्यंजन, फल-फूल चढ़ाये जायेंगे। मंदिर की भव्य साज-सज्जा होगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि राम नगरी अयोध्या में कृष्ण भक्ति का भी जोर है। यहां कई प्राचीन कृष्ण मंदिर हैं जो श्रीराम एवं कृष्ण की अभिन्नता के गवाह हैं। इन सभी मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम होगी।उन्होंने बताया कि अयोध्या में दो दिन उत्सव मनेगा। गृहस्थ परम्परा से जुड़े भक्त 26 अगस्त को और उदया तिथि की मान्यता वाले मंदिरों में 27 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जायेगा। अयोध्या के गोकुल भवन, बृजमोहन कुंज, राधाबृजराज मंदिर, राजसदन में स्थित राधा माधव मंदिर, गुरुधाम इस्कॉन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी हो गयी हैं। इन मंदिरों में रविवार से अनुष्ठानों का श्रीगणेश हो जायेगा।
Updated on:
25 Aug 2024 10:30 pm
Published on:
25 Aug 2024 10:30 pm
