6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ayodhya : राम मंदिर के निर्माण में बड़ा बदलाव, नया प्लान जारी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से सम्बंधित नये प्लान की ताजा जानकारी साझा की
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अयोध्या

•

image

Hariom Dwivedi

•

Updated: 15 Dec 2020, 4:33 PM IST

photo_2020-12-15_16-23-13.jpg

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण से सम्बंधित नये प्लान की ताजा जानकारी साझा की।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. रामनगरी में रामलला का संपूर्ण मंदिर पत्थर का होगा। भूतल से मंदिर के फर्श की ऊंचाई 16.5 फीट होगी वहीं, भूतल से गर्भ गृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट होगी। मंदिर की लम्बाई 360 मीटर और चौड़ाई 235 मीटर होगी। मंदिर तीन मंजिला बनेगा और हर मंजिल की ऊंचाई 20 फीट होगी। मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण से सम्बंधित नये प्लान की ताजा जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि जमीन के नीचे 200 तक भुरभुरी बालू पाई गई है। पास ही में सरयू नदी का प्रवाह है। ऐसी भौगोलिक परिस्थिति में भी मंदिर एक हजार वर्ष तक मजबूती से खड़ा रहे, इसके लिए नींव की ड्राइंग पर आइआइटी मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी व केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की के इंजीनियर परामर्श कर रहे हैं। शीघ्र ही नींव का प्रारूप तैयार होने के साथ निर्माण कार्य आरंभ होगा। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी लार्सन एंड टूब्रो को दी गयी है। सलाहकार के रूप में टाटा कंसल्टेंट इंजीनियर्स को अनुबंधित किया गया है।

मकर संक्रांति से जनसंपर्क अभियान
चम्पत राय ने यह भी बताया कि मकर संक्रांति से राम मंदिर निर्माण के लिए जनसंपर्क का कार्य शुरू हो जाएगा। अभियान के तहत लाखों कार्यकर्ता गांव और मुहल्लों में जाएंगे, तो स्वेच्छा से कुछ न कुछ रुपए लोग समर्पित करेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 10 रुपये, 100 रुपये व 1000 रुपये के कूपन बनाये गए हैं। करोड़ों घरों में भगवान के मंदिर का चित्र भी पहुंचाया जायेगा। उन्होंने बताया कि अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान निकोबार और त्रिपुरा जैसे सुदूर के राज्यों में भी राम मंदिर की ऐतिहासिकता से रामभक्तों को अवगत कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें : अयोध्या के बाद अब काशी पर फोकस, इन मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे देशभर के संत