
पत्थरों से बन रहे रामलला के गर्भग्रह में लगाए जा रहे चंडीगढ़ के खास ईंट.....जाने इन ईंटों की खासियत
अयोध्या. पत्थरों से तैयार हो रहे भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के बीच बने 21 फुट ऊंचे फर्श को मजबूती देने और वातानुकूलित रखने के लिए चारों तरह विशेष इंजीनियरिंग से तैयार की गई ईंट को लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है। जिसे पंजाब से मंगाया जा रहा है। और इसका कार्य भी शुरू हो चुका है। दरसल राम जन्मभूमि पर भगवान श्री राम की भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है यह मंदिर 1000 वर्ष तक सुरक्षित रखा जा सके इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। और प्राचीन पद्धति और वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर मंदिर निर्माण की मजबूती को प्रदान कराए जाने के लिए देश के वरिष्ठ इंजीनियरों के निगरानी में निर्माण कराया जा रहा है।
मंदिर के गर्भ ग्रह में नहीं पड़ेगा गर्मी का असर
2023 दिसंबर तक मंदिर के निर्माण की समय सीमा तय की गई है कार्यदाई संस्था लार्सन एंड टूब्रो और टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियर तय समय पर मंदिर का निर्माण पूरा किये जाने के लक्ष्य के मुताबिक राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे मंदिर निर्माण के कार्य में क्या आप जानते हैं कि तपती धूप में मंदिर की दीवारें तपेंगी...इसलिए रामलला के निर्माणाधीन गर्भग्रह के अंदर की तपिश को कम करने के लिए पत्थरों की दीवार और बाहरी पत्थरों के दीवार के बीच में विशेष ईट का प्रयोग किया जा रहा है। यह ईंट मंदिर की तपिश को कम करेगी साथ ही पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए तांबे की पत्ती का इस्तेमाल किया जाएगा उसमें भी इस ईट की पकड़ मजबूत ही प्रदान करेगी।
गर्भग्रह को अनुकूलित बनाएगी विशेष ईंट
मंदिर निर्माण कार्य में लगे हुए कार्यदाई संस्था लार्सन एंड टूब्रो के एक इंजीनियर ने यह जानकारी दी है कि उच्च गुणवत्ता वाली पत्थर की डिजाइन पर बनी 3 ***** वाली ईंट है यह मंदिर के बाहरी दीवार और अंदर की दीवार के दोनों पत्थरों के बीच में लगाई जा रही हैं मंदिर के अंदर तपिश का आभास कम हो गर्भ ग्रह के अंदर ठंडक बनी रहे इस लिहाज से इस विशेष ईट का प्रयोग किया जा रहा है इंजीनियर के मुताबिक मंदिर निर्माण में सीमेंट और जो केमिकल मटेरियल इस्तेमाल किया जा रहा है वह सीक्वेंस में ***** में जा कर मंदिर की मजबूती को और प्रबल करेगा साथ ही एलमुनियम की पत्ती जिससे कि पत्थरों को आपस में जोड़ा जाएगा उन पर भी पकड़ मजबूत करेगा। यह स्पेशल ईंट चंडीगढ़ से मंगाई जा रही है।
गर्भग्रह पर लग रहे इंटों पर लिखा है राम का नाम
वहीं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी जानकारी देते हुए बताया कि गर्भ ग्रह की दीवारें जिसे मंडोवर कहते हैं उस मंडोवर के 33 पत्थर लगाए जा चुके हैं कुछ बिना नक्काशी के सादे पत्थरों को काटकर सपोर्ट के रूप में लगाया गया है वह भी 14 पत्थर लगाए जा चुके हैं और चंडीगढ़ से विशेष प्रकार की ईंटों को बनवाई गई है जो सामान्य सीटों से कई गुना ज्यादा ताकतवर हैं मजबूत हैं उन्हें आवश्यकता अनुसार दीवारों के गैप में लगाया जा रहा है। और उन ईंटों पर एक स्थान पर राम लिखा हुआ है।
Published on:
23 Aug 2022 06:59 pm
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