
CM Yogi said on PFI organizations that threaten security of the nation are not acceptable
देश में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके आठ सहयोगी संगठनों पर देश विरोधी गतिविधियों के कारण UAPA के तहत पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया है। ये प्रतिबंध केंद्र सरकार (Central Government) की तरफ से लगाया गया है। सरकार की तरफ से लगाए गए इस प्रतिबंध में संस्था के सभी सहयोगियों और तमाम मोर्चों को गैर कानूनी घोषित किया गया है। केंद्र के इस फैसले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने स्वागत किया है। उन्होंने इस फैसले पर कहा कि "देश में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके आठ सहयोगी अनुषांगिक संगठनों पर लगाया गया प्रतिबंध सराहनीय एवं स्वागत योग्य है। सीएम ने कहा कि यह 'नया भारत' है, यहां आतंकी, आपराधिक और राष्ट्र की एकता व अखंडता तथा सुरक्षा के लिए खतरा बने संगठन एवं व्यक्ति स्वीकार्य नहीं।"
प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने की सराहना
केंद्र सरकार के इस फैसले का यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने भी स्वागत किया। उन्होंने PFI बैन पर ट्वीट करते हुए कहा कि "आरंभ है प्रचंड... देश की एकता एवं अखंडता पर लगातार चोट करने वाले पीएफआइर् समेत 8 इस्लामिक संगठनों को बैन करना इस्लामिक जिहाद एवं कट्टरवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम है। देशहित में लिये गए इस ठोस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमिश शाह का आभार।"
यूपी के 26 जिलों से 57 लोग हिरासत में
उनके अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और यूपी हज कमेटी के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने भी केन्द्र सरकार के इस फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा हैं। NIA को मिली खुफिया जानकारी के अनुसार, PFI की पूरे देश में प्रदर्शन व आतंकी घटनाओं के जरिये कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील इलाकों में अशांति फैलाने की साजिश थी। जिसके बाद पूरे देश में PFI के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसमें कई अहम दस्तावेज एजेंसियों के हाथ लगे है। जिसमें यूपी के 26 जिलों से अबतक 57 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इन संगठनों पर भी लगा बैन
गौरतलब है कि कट्टरपंथी PFI की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों के चलते भारत में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना (Notification) भी जारी कर दी गई है। UAPA एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही अन्य 8 संगठनों रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन, रिहैब फाउंडेशन केरल और जूनियर फ्रंट पर भी बैन लगाया गया है।
Updated on:
28 Sept 2022 12:59 pm
Published on:
28 Sept 2022 12:53 pm
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