
तीन दिन तक चलेगा उत्सव, संत और कलाकार करेंगे भक्ति की प्रस्तुति
Ayodhya में रामलला के भव्य मंदिर में प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 11 से 13 जनवरी तक चलेगा, जिसमें भारतीय संस्कृति और भक्ति संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रतिष्ठा द्वादशी के प्रथम दिन, 11 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजे श्रीरामलला का गर्भगृह में अभिषेक करेंगे। इस अवसर पर भक्ति से जुड़े कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रामलला का अभिषेक और भजन का लॉन्च
महोत्सव के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी रामलला का अभिषेक करेंगे और श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। इसी दिन सुप्रसिद्ध गायकों सोनू निगम, शंकर महादेवन और मालिनी अवस्थी द्वारा गाए गए भजन का भी विमोचन किया जाएगा। यह भजन रामलला की प्रतिष्ठा को समर्पित है और इसे विशेष रूप से इस उत्सव के लिए तैयार किया गया है।
अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर कीर्तन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में लता चौक, राम की पैड़ी, श्रृंगार हाट, सुग्रीव किला और अन्य प्रमुख स्थलों पर वाद्य यंत्रों के साथ कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। युवा कलाकारों की प्रस्तुतियां पूरे नगर को भक्ति और उत्साह से भर देंगी।
राग सेवा कार्यक्रम
महोत्सव के दौरान राग सेवा का विशेष आयोजन गर्भगृह के निकट मंडप में होगा। इस कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और वादन के माध्यम से भगवान श्रीराम की भक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रसिद्ध कलाविद् यतीन्द्र मिश्र और संगीत नाटक अकादमी इस आयोजन के समन्वयक हैं।
पहला दिन (11 जनवरी): प्रसिद्ध गायिका उषा मंगेशकर और मयूरेश पई भजन से राग सेवा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद सितार और वायलिन की जुगलबंदी होगी। दिन का समापन भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति से होगा।
दूसरा दिन (12 जनवरी): लोकगायिका शैलेश श्रीवास्तव सोहर गायन से शुरुआत करेंगी। इसके बाद शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली भजनों की प्रस्तुति देंगी। दिन का समापन बांसुरी वादक राकेश चौरसिया के वादन से होगा।
तीसरा दिन (13 जनवरी): राग सेवा आरती अंकलिकर के शास्त्रीय गायन से शुरू होगी। इसके बाद कथक नृत्यांगना शोभना नारायण और त्रिचूर ब्रदर्स द्वारा शास्त्रीय गायन और भजनों से कार्यक्रम का समापन होगा।
अयोध्यावासियों से विशेष अनुरोध
चंपत राय ने महाकुंभ में गए अयोध्या वासियों से अपील की है कि वे तीन दिवसीय कार्यक्रम में से किसी एक दिन अयोध्या पहुंचकर इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें।
भक्ति और संस्कृति का संगम
यह महोत्सव भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के मूल्यों को प्रदर्शित करेगा। रामलला की प्रतिष्ठा और मंदिर निर्माण के इस ऐतिहासिक अवसर को भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजीव किया जाएगा। अयोध्या नगरी इन तीन दिनों तक भक्ति के रंग में डूबी रहेगी।
Updated on:
05 Jan 2025 05:11 pm
Published on:
05 Jan 2025 05:11 pm
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