
अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोर-शोर से चल है। इस समय देश-विदेश हर जगह से राम से जुड़ी कई जानकारियां सामने आ रही हैं। भगवान राम और रामकथा ना सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी मशहूर है, इन्हीं में से एक देश इंडोनेशिया भी है। दरअसल, इंडोनेशिया देश की अपनी अलग रामायण है, जिसमें भगवान राम का अलग स्वरुप देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कि इंडोनेशिया की रामायण और भारत की रामायण में क्या अंतर है।
इंडोनेशिया में रामायण का महत्त्व
इंडोनेशिया एक मुस्लिम देश है और इसके बावजूद इस देश में हिंदू संस्कृति का प्रभाव भरपूर दिखाई देता है। दरअसल, 9वीं-10वीं शताब्दी तक इंडोनेशिया बौद्ध और हिन्दू देश था, लेकिन बाद में यहां के लोगों ने मुस्लिम धर्म अपना लिया। इसके बाद भी वहां के लोग हिंदू संस्कृति पर विश्वास करते हैं।
वैसे तो भारत में रामकथा कई भाषाओं में पाई जाती है लेकिन महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखे गए महाकाव्य रामायण को सबसे मानक माना जाता है। इस रामायण में भगवान राम को एक आदर्श बेटा, आदर्श पति, मित्र, भाई, सेवक, आदर्श पिता और आदर्श राजा बताया गया है। सात कांडों में विभाजित 24,000 श्लोकों के जरिए रामकथा का बखान इसमें किया गया है।
इंडोनेशिया में किस नाम से जानी जाती है अयोध्या?
भारत की रामायण में भगवान राम की नगरी का नाम अयोध्या है, जहां फिलहाल प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। वहीं, इंडोनेशिया की रामकथा में राम की नगरी को योग्या के नाम से जानते है। इसके साथ ही, इंडोनेशिया में राम कथा को ककनिन या काकावीन रामायण के नाम से जाना जाता है। इंडोनेशिया की रामायण के रचयिता कवि योगेश्वर बताए जाते हैं। आपको बता दें कि इस रामायण में राजा दशरथ का नाम विश्वरंजन है, जो एक शैव यानी शिव की आराधना करने वाले हैं।
सीता का नाम है सिंता
इंडोनेशिया के रामायण की शुरुआत राम के जन्म से होती है। इस रामायण में लक्ष्मण को नौसेना का अध्यक्ष और माता सीता को सिंता कहा गया है। अगर हनुमान जी की बात करें तो इस रामायण में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध किरदार हनुमान जी का है। हनुमान को वहां अनोमान कहा गया है।
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रामायण पर आधारित सम्मेलन कर चुका है इंडोनेशिया
साल 1973 में इंडोनेशिया की सरकार ने रामायण पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन किया था। आपको बता दें कि भारत की तरह इंडोनेशिया में भी रामायण पर आधारित रामलीला का मंचन किया जाता है। वहां की सरकार ने भारत सरकार से मांग की थी कि यहां भी इंडोनेशिया की रामायण पर आधारित रामायण का मंचन किया जाए। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान भी इंडोनेशिया की रामायण का मंचन किया जाएगा।
Updated on:
17 Jan 2024 11:55 am
Published on:
17 Jan 2024 11:54 am
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