1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए सबसे पहले संतों को भेजा गया निमंत्रण, सामने आई तस्वीर

Ayodhya News: आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। इसकेलिए आमंत्रण बांटने का काम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले संतों को आमंत्रित किया गया है।

2 min read
Google source verification
invitation cards sen to people for the pran pratistha ceremony of ram temple

आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रण बांटने का काम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से शुरू कर दिया गया है। डाक विभाग की तरफ से अयोध्या के प्रमुख साधु संतों को आमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है।

आमंत्रण पत्र राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तरफ से भेजा जा रहा है। जिसमें 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर शामिल होने के लिए निवेदन किया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लगभग 6000 से ज्यादा लोगों को आमंत्रण पत्र पूरे देश में भेजा जा रहा है। जिनमें से 4000 साधु संतों को यह आमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। आमंत्रण भेजने की प्रक्रिया अभी से ही शुरू हो चुकी है।

मोबाइन ले जाने पर रहेगा प्रतिबंध
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से यह तय किया गया है कि कौन सी चीज राम मंदिर में नहीं जाएगी, इसका विशेष ध्यान रखें। मोबाइल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही बड़े संतों से भी आग्रह किया गया है कि छत्र चमर और ठाकुर जी साथ में नहीं जाएंगे। सुरक्षा गार्ड भी प्रवेश नहीं कर सकेगा।

उन्होंने बताया कि लोगों से अपील की जा रही उस दिन लोग आपने घरों में दीपक जलाएं। इसके साथ समारोह का लाइव प्रसारण भी देखें। 11 बजे से प्रवेश के बाद 2 बजे तक परिसर में रहना होगा।

राममंदिर निर्माण का कार्य तेज
ज्ञात हो कि आमंत्रण पत्र में अपील की जा रही है कि लंबे संघर्ष के बाद राममंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। पौष शुक्ल द्वादशी 22 जनवरी को रामलला के नूतन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा मंदिर के गर्भगृह में की जाएगी। प्रबल इच्छा है कि अयोध्या में उपस्थित रहकर आप इस महान अवसर के साक्षी बनें।

संतों से अपील की जा रही है कि 21 जनवरी के पूर्व अयोध्या आने की योजना बनाएं। विलंब से आने पर परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। 23 जनवरी तक अयोध्या में रहने का आग्रह भी ट्रस्ट कर रहा है।