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अयोध्या में राम भक्तों का भव्य स्वागत, मुस्लिमों ने पेश की भाईचारे की मिसाल

विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा में आये राम भक्तों का अयोध्या में फूल बरसा कर स्वागत किया गया...

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muslims in ayodhya

अयोध्या में राम भक्तों का भव्य स्वागत, मुस्लिमों ने पेश की भाईचारे की मिसाल

अयोध्या .विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा में आये राम भक्तों का अयोध्या में फूल बरसा कर स्वागत किया गया। मुस्लिम मंच से जुड़े लोगों ने भी राम भक्तों और धर्म सभा मार्ग पर फूल बरसाए। मंदिर समर्थक मुस्लिम समुदाय के बबलू खान के अलावा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रामभक्तों का स्वागत किया। बाराबंकी में भी मुस्लिम समुदाय के युवकों ने अयोध्या जा रहे राम भक्तों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से अयोध्या पहुंची सकीना बानो ने राम मंदिर निर्माण की मांग करते हुए जय श्रीराम के नारे लगाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिये।

हिंदू-मुस्लिम साम्प्रदायिक सौहार्द का नजारा बाराबंकी में भी देखने को मिला, जहां मुसलमानों ने ट्रेनों से जा रहे रामभक्तों का फूल माला पहनाकर स्वगात किया। इसमें शहर के आम मुसलमान शामिल हुए। मुस्लिमों ने रामभक्तों को शुभकामनाएं दी कि वह अपने राम मंदिर के उद्देश्य में सफल होकर वापस लौटें। राम भक्तों का स्वागत करने वाले मुस्लिम समाज के राजा कासिम और जुबेर अहमद ने कहा कि एक विदेशी आक्रमणकारी के नाम पर बनी मस्जिद भारत के मुसलमानों को भी स्वीकार नहीं है। भगवान राम हमारे इमामुल हिन्द हैं। उनका मंदिर बनना गौरव की बात है। इस मंदिर के बन जाने से जो सियासतदार नफ़रत फैला रहे हैं, उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत का हर मुसलमान चाहता है कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बने।

बाराबंकी की भाजपा सांसद प्रियंका रावत ने कहा कि मुसलमानों की यह पुष्प वर्षा ने साबित कर दिया है कि हम सब एक हैं। प्रभु श्रीराम सभी हिन्दुस्तानियों के आराध्य हैं। कानपुर से अयोध्या धर्मसभा में शामिल होने जा रहे राहुल ने कहा कि बाराबंकी में मुस्लिम भाईयों के स्वागत ने अभिभूत कर दिया। इससे यह बात साबित होती है कि भारत में राम का स्थान कितना ऊपर है।

खौफ में रहे अयोध्या के मुसलमान
पुलिस-प्रशासन के तमाम आश्वासनों के बावजूद शिवसेना और विहिप के कार्यक्रमों से अयोध्या के स्थानीय मुसलमान थोड़ा भयभीत दिखे। पांजीटोला, मुगलपुरा जैसे शहर के मोहल्लों के मुस्लिम अनजाने खौफ के साये में रहे। मोहल्ले के निवासी 65 वर्षी अबरार ने कहा कि उनके जेहन में अभी भी 1992 जैसा माहौल है। डर है कि कहीं वैसा ही हादसा फिर न हो जाये। इसलिए मोहल्ले के लोग बच्चों और महिलाओं को रिश्तेदारी में छोड़ आये हैं। इतना ही नहीं ज्यादातर लोगों ने राशन-पानी भी जमा कर लिया है, ताकि कोई बड़ी घटना होने पर घर से बाहर निकलने का खतरा न रहे। अल्लाह का शुक्र है कि सब ठीक से गुजर गया।

किन्नर भी हुए शामिल
विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा के लिए देर रात से अयोध्या में राम भक्तों का का आना शुरू हो गया था। धूप चढ़ते-चढ़ते राम नगरी की सड़कें और गलियां राम भक्तों से खचाखच भर गईं विहिप की ओर से कार्यक्रम के अंत तक तीन लाख लोगों के आने का दावा किया गया। हालांकि, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार की ओर से अयोध्या में एक लाख लोगों के आने की बात कही गई। विहिप की धर्मसभा में दो दर्जन से अधिक किन्नर भी शामिल हुए। सभी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग करते हुए कहा कि मंदिर मुद्दे पर अब और इंतजार नहीं कर सकते।