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मोहित पांडेय के राम मंदिर में पुजारी बनने की चर्चा, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किया इनकार, क्या हैं सच्चाई?

Ram Mandir: भगवान राम लला की पूजा और अर्चना के लिए पुजारी की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच खबर आई है कि दूधेश्वर के विद्यार्थी रहे मोहित पांडे का चयन पुजारी के लिए हुआ है। इसके लिए मोहित को छह महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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मोहित पांडे दूधेश्वर के विद्यार्थी रहे हैं।

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का काम अब अंतिम चरण पर है। 22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसी बीच खबर आई कि गाजियाबाद के रहने वाले मोहित पांडेय को राम मंदिर के पुजारी में चयन हो गया है। खबरों की मानें तो 3000 पुजारियों के आवेदन स्वीकार किए गए थे, जिनमें से 50 को चुना गया। उन्हीं में से एक नाम मोहित पांडेय का भी है।

मोहित पाण्डेय दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के छात्र रहे हैं। मोहित के राम मंदिर में पुजारी के रूप में चयन होने की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही थी। इसी बीच ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी मोहित पांडेय को मुख्य पुजारी बनाए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया का क्या है, वो तो कोई भी नाम लेकर चलाते रहते हैं, किसी का नाम चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिसका जो मन हो नाम चला दे।

राम मंदिर के मुख्य पुजारी हैं सत्येंद्र दास
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास हैं। उन्होंने कहा कि 24 लोगों का चयन किया गया है। सभी पुजारी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें से दो अनुसूचित जाति (एससी) व एक पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। हालांकि, उन्हें अभी 6 महीने की ट्रेनिंग दी जानी है। उसके बाद योग्यता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के साथ ही पुजारियों से जुड़े नए प्रतिमान गढ़े जाएंगे। मंदिर के विग्रहों पर पूजन के लिए राममंदिर के महंत मिथिलेश नंदिनी शरण और महंत सत्यनारायण दास पौरोहित्य और कर्मकांड का प्रशिक्षण दे रहे हैं। हालांकि, पहली बार नहीं है, जब किसी गैर ब्राह्मण को पुजारी नियुक्त किया गया है।

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