
राम मंदिर में बड़ा बदलाव
Ram Mandir Management Changes: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया जा रहा है। मंदिर परिसर में अलग-अलग व्यवस्थाओं का संचालन करने वाली कई समितियों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नई टीमों और नए सदस्यों को सौंपी जा सकती हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और लगातार बढ़ रही व्यवस्थाओं को देखते हुए संचालन प्रणाली की समीक्षा की गई है। इसके बाद व्यवस्थाओं को अधिक सुचारू बनाने के लिए समितियों के पुनर्गठन की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन, साफ-सफाई व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, लॉकर सुविधा, प्रवेश और निकास व्यवस्था, प्रसाद वितरण सहित श्रद्धालुओं से जुड़ी कई सेवाओं में बदलाव किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रही कुछ टीमों में बदलाव किया जाएगा, जबकि कुछ नई जिम्मेदारियां नए लोगों को दी जा सकती हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले और हर व्यवस्था की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय हो।
बताया जा रहा है कि हाल के घटनाक्रमों के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई थी। समीक्षा के आधार पर अब संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समितियों में बदलाव किया जा रहा है। नई व्यवस्था में कार्यकुशलता, अनुभव और अनुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही हर विभाग के काम की नियमित निगरानी और समय-समय पर समीक्षा करने की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है।
मंदिर परिसर में सूचना आदान-प्रदान और व्यवस्थाओं की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए कंट्रोल रूम व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। इसके लिए नई टीम गठित की गई है। सूत्रों के अनुसार, कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी संभालने वाली नई टीम में गोपाल राव के करीबी सोमेश को प्रभारी बनाया गया है। वहीं, रिटायर्ड सैन्य कर्मी केके तिवारी को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है।
जानकारी के मुताबिक, 22 जुलाई को होने वाली बैठक में समितियों के संचालन और जिम्मेदारियों को लेकर नई गाइडलाइन तय की जाएगी। इस बैठक में अलग-अलग व्यवस्थाओं की भूमिका और काम करने के तरीके को अंतिम रूप दिया जा सकता है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में और अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि नई टीमों के गठन में अनुभव, कार्यकुशलता और अनुशासन को सबसे ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे सभी सुविधाएं बेहतर तरीके से संचालित हो सकें। इसके अलावा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए नई प्रणाली भी विकसित की जा रही है, ताकि किसी भी समस्या का समय पर समाधान किया जा सके।
Updated on:
12 Jul 2026 09:04 pm
Published on:
12 Jul 2026 09:04 pm
