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Ram Mandir Donation Scam: ‘चंपत राय की कोई गलती नहीं, उनके साथ विश्वासघात हुआ है’, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर महंत कमल नयन दास का बड़ा दावा

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बने राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) मामले पर बयानबाजी जारी है। महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) को निर्दोष बताया है।
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Ayodhya Ram Mandir theft controversy

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद (फाइल फोटो- पत्रिका)

Ayodhya Ram Mandir Chadava Chori: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा एवं चंदा चोरी मामले पर महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बड़ा बयान दिया है। कमल नयन दास ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) को निर्दोष बताते हुए उनका समर्थन किया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर महंत ने कहा- सनातन धर्म पर आरोप लगाना और उसे बदनाम करना अनुचित है।

कमल नयन दास ने चंपत राय को बताया निर्दोष

महंत कमल नयन दास ने चंपत राय को निर्दोष बताया है। महंत ने कहा- सनातन धर्म पर आरोप लगाना और उसे बदनाम करना अनुचित है। हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पहले ही तथ्यों को पूरी तरह स्पष्ट कर चुके हैं। चंपत राय की बात करें तो हम उन्हें बहुत लंबे समय से जानते हैं। महंत कमल नयन दास ने कहा कि चंपत राय ने संगठन और राष्ट्र के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने अपना जीवन इस कार्य के लिए समर्पित कर दिया।

चंपत राय ने इस मिशन में शामिल होने के लिए एक अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी। वे राम जन्मभूमि आंदोलन की शुरुआत से ही अथक रूप से जुड़े रहे हैं। निर्माण कार्य में चंपत राय के बलिदानों का बहुत बड़ा योगदान है। चढ़ावा चोरी पर बात करते हुए महंत ने कहा कि इसमें चंपत राय की कोई गलती नहीं है। लोगों ने उनके साथ विश्वासघात किया है।

नृपेंद्र मिश्रा बोले- भगवान राम जीवन जीने की प्रेरणा

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की है। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि भगवान राम केवल एक धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सत्य, मर्यादा, कर्तव्य, न्याय और सद्गुणों के सर्वोच्च प्रतीक हैं, जिनके आदर्श आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा- भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मानवता को यह सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और मर्यादा का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

नृपेंद्र मिश्रा ने आगे कहा कि भगवान राम ने अपने जीवन के प्रत्येक चरण में आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति, आदर्श मित्र और आदर्श राजा का स्वरूप प्रस्तुत किया। यही कारण है कि उनका जीवन केवल धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक भारतीय के जीवन और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों को अपनाकर ही समाज में समरसता, भाईचारा और नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।

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