
अयोध्या का राम मंदिर (फोटो- पत्रिका)
Ayodhya Ram Mandir Trust Controversy: अयोध्या राम मंदिर चंदा एवं चढ़ावा चोरी मामले पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने पलटवार किया है। राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) पर लग रहे आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने अपना पक्ष रखा और कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी पर कई बड़े आरोप लगाए हैं।
मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा- चाहे कांग्रेस के नेता हों या समाजवादी पार्टी के, उन्होंने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया है। उन्होंने कभी भगवान राम में आस्था नहीं दिखाई। उन्होंने लगातार भगवान राम को नकारने की कोशिश की है। इसलिए उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। SIT इस मामले की जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने कहा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जानी जाती है। सरकार की कानून व्यवस्था के तहत कोई भी अपराधी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में शामिल असली दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि दोषियों की पहचान करके उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि असली दोषियों को बचाया जा रहा है।
असली दोषी अयोध्या में नहीं हैं। हर कोई जानता है कि वे कहां हैं? कहा गया था कि यह एक धार्मिक मामला है और इसका उद्घाटन शंकराचार्यों द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप, वे अयोध्या में हार गए। कांग्रेस सांसद ने अपनी बात दोहराते हुए कहा- मैं अब भी कहता हूं कि असली दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर हरियाणा कांग्रेस ने बड़ी मांग की है। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच होनी चाहिए। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने स्वयं कहा है कि यह डाका है। यह एक गंभीर मामला है। मंदिर का दरवाजा राजीव गांधी के समय पर खोला गया था। यह कोई नहीं बताता है।
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Updated on:
12 Jul 2026 08:39 pm
Published on:
12 Jul 2026 08:06 pm
