चुनाव को लेकर रामलला पर सॉफ्ट टारगेट
ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने कहा कि 2022 में यूपी में विधानसभा चुनाव हैं। इसलिए सभी विपक्षी पार्टियों की संयुक्त बैठक में भाजपा को घेरने की रणनीति बनी। यह आरोप इसी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा, जनवरी माह में ट्रस्ट की बैठक में वास्तुशास्त्रियों ने मंदिर की परिकल्पना दोषपूर्ण बतायी थी। परकोटा और खाली स्पेस की भी जरूरत थी। इसलिए और जमीन खरीदने का निर्णय हुआ। जिनकी जमीनें ली गयीं उन्हें अन्यत्र बसाने के लिए दूसरी भूमि खरीदी जा रही है।