
कथावाचक पवन देव महाराज पर FIR, फोटो सोर्स-वीडियो ग्रैब
Kathavachak Pawan Dev Maharaj Case Update: अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र के रहने वाले कथावाचक पवन देव महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि इस बार चर्चा उनकी धार्मिक कथाओं या प्रवचनों को लेकर नहीं, बल्कि उनके खिलाफ दर्ज एक गंभीर आपराधिक मुकदमे को लेकर हो रही है। बिहार की एक महिला ने उन पर दुष्कर्म, मारपीट, धमकी देने और करीब 10 लाख रुपये के जेवर हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पवन देव महाराज अयोध्या जिले की बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के मलेथू कनक गांव के निवासी हैं। वह धार्मिक कथाओं और प्रवचनों के जरिए अपनी पहचान बना चुके हैं। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कथा कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।
धार्मिक गतिविधियों के अलावा वह सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर भी सक्रिय रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में 13 मई को उन्हें करणी सेना का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। उनके पिता पंडित रमाकांत शास्त्री कर्मकांडी ब्राह्मण हैं और लंबे समय से धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े हुए हैं।
पीड़ित महिला बिहार के सीवान जिले की रहने वाली है। वह पहले से विवाहित है और उसके 2 बच्चे हैं। महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में बिहार के चंपारण में आयोजित एक कथा कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात पवन देव महाराज से हुई थी। महिला के मुताबिक कथा समाप्त होने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ीं और नियमित बातचीत होने लगी।
महिला का आरोप है कि जुलाई 2025 में पवन देव महाराज उसे राम मंदिर के दर्शन कराने और VIP दर्शन की व्यवस्था का भरोसा देकर अयोध्या लेकर आए। महिला अपने बेटे के साथ अयोध्या पहुंची और कथावाचक के घर पर ठहरी।
महिला का कहना है कि इसी दौरान घर में अकेले मिलने का मौका पाकर कथावाचक ने उसके साथ दुराचार किया। विरोध करने पर आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया, जिसके कारण उसने तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि बाद में 17 अगस्त 2025 को अयोध्या के नाका हनुमानगढ़ी क्षेत्र स्थित एक मंदिर में दोनों ने विवाह किया। विवाह के बाद वह कथावाचक के घर में रहने लगी। महिला का दावा है कि इस दौरान वह गर्भवती भी हुई थी। हालांकि कुछ समय बाद उसे वापस उसके मायके भेज दिया गया। महिला का आरोप है कि जब उसने इस पर आपत्ति जताई तो उसे कानूनी कार्रवाई और अन्य परिणामों का डर दिखाकर चुप रहने के लिए कहा गया।
पीड़िता का आरोप है कि वह अपने मायके और ससुराल से मिले लाखों रुपये मूल्य के जेवर और अन्य कीमती सामान लेकर अयोध्या आई थी। जब वह वापस लौटी तो उसके अधिकांश गहने और सामान कथावाचक के पास ही रह गए। महिला का कहना है कि बाद में जब उसने अपने गहनों की मांग की तो विवाद बढ़ गया और उसे लगातार परेशान किया जाने लगा।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पवन देव महाराज और उनके पिता रमाकांत शास्त्री उसके घर पहुंचे थे। वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। महिला ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार दबाव में रखने और शिकायत वापस लेने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
महिला की शिकायत के आधार पर बीकापुर कोतवालीपुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार मामला संवेदनशील है, इसलिए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता तथा कानूनी कार्रवाई को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
Published on:
08 Jun 2026 09:53 am
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