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Ayodhya Land Dispute : राम मंदिर ट्रस्ट के दो और जमीन सौदे विवदित, 20 लाख की भूमि 2.5 करोड़ में खरीदी

Ayodhya Land Dispute : राम मंदिर ट्रस्ट के दो और जमीन सौदे विवदित, 20 लाख की भूमि 2.5 करोड़ में खरीदी
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अयोध्या

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Hariom Dwivedi

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Updated: 20 Jun 2021, 5:30 PM IST

ram mandir trust land purchase controversy update

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. Ayodhya Land Dispute- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा खरीदी जा रही जमीन का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो और सौदे विवादों के घेरे में आ गए हैं, जिसमें कम पैसों की जमीन अधिक मूल्य पर खरीदने की बात सामने आ रही है। इन सौदों में अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण उपाध्याय की अहम भूमिका है। दीपनारायण ने ट्रस्ट को अपनी दो जमीनें बेचीं, जिन पर उन्होंने कई गुना मुनाफा कमाया। एक जमीन जो उन्होंने 20 लाख रुपए में खरीदी थी, ट्रस्ट को 2.5 करोड़ में और दूसरी 27 लाख रुपए कीमत की जमीन को एक करोड़ रुपए में बेच दिया।

यह भी पढ़ें : ट्रस्ट को जमीन बेचने वालों में मेयर के रिश्तेदार और धोखाधड़ी के आरोपी शामिल

20 फरवरी 2021 को दीप नारायण उपाध्याय ने अयोध्या के महंत देवेंद्र प्रसाद आचार्य से हवेली कोट रामचंदर में 20 लाख रुपये में गाटा संख्या 135 से 890 वर्ग मीटर की जमीन खरीदी थी। तीन महीने बाद ही 11 मई को दीपनारायण ने ट्रस्ट को यह जमीन 2.5 करोड़ रुपए में बेच दी और उसी दिन दीपनारायण के अकाउंट में यह रकम आरटीजीएस कर दी गई। वर्तमान में इस इलाके का सर्किल रेट 4,000 प्रति वर्ग मीटर है। इस हिसाब से इसकी कीमत 35.6 लाख रुपए आंकी जा रही है। लेकिन, मंदिर ट्रस्ट ने यह जमीन 28,090 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से खरीदी। ट्रस्ट की ओर से अनिल मिश्रा जमीन के इस सौदे के गवाह थे।

27 लाख की जमीन एक करोड़ में
11 मई 2021 को ही दीप नारायण उपाध्याय ने गाटा संख्या 36-एम में से 676.86 वर्ग मीटर जमीन का एक और टुकड़ा भी राम मंदिर ट्रस्ट को एक करोड़ रुपए में बेचा, सर्किल रेट के हिसाब से इस जमीन की कीमत 27.08 लाख रुपए निकलती है। मतलब 4,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर कीमत वाली जमीन को दीपनारायण ने 14,774 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बेच दिया। जमीन के इस सौदे में भी ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा गवाह हैं।

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अलग-अलग रकम की मालियत एक कैसे?
जमीन खरीद विवाद में अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और राम मंदिर ट्रस्ट पर धांधली के आरोप लग रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मात्र तीन महीनों में ही लाखों की जमीन कैसे 2.5 करोड़ की हो गई? सवाल यह भी है कि जब दीप नारायण जमीन खरीदते हैं तो जमीन की मालियत रहती है 35 लाख 60 हजार होती है, जिसके एवज में उन्हें 2 लाख 46 हजार 380 रुपये का स्टाम्प शुल्क चुकाना पड़ता है और जब ट्रस्ट उनसे वही जमीन 2.5 करोड़ रुपए में खरीदता तो भी जमीन की मालियत 35 लाख 60 हजार रुपए ही रहती है। ऐसा कैसे?

फास्ट ट्रैक कोर्ट में भूमि खरीद में धांधली की सुनवाई : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने बीजेपी के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, उनके भतीजे और आरोपों में घिरे ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बैंक खातों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर राम मंदिर के नाम पर हुई भूमि खरीद में धांधली की सुनवाई कराये, ताकि चंदा चोरों को जेल भेजा जा सके।

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