
UP Tourism Update: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर देश के सबसे अधिक चढ़ावा प्राप्त करने वाले मंदिरों में शामिल हो गया है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, श्री राम मंदिर ने वार्षिक चढ़ावे के मामले में वैष्णो देवी मंदिर को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर अभी भी शीर्ष पर बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन के हालिया अध्ययन के अनुसार, भारत के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे की एक नई तस्वीर सामने आई है। इसमें अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर ने वैष्णो देवी मंदिर को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाई है। तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर अब भी 1500-1650 करोड़ रुपये के वार्षिक चढ़ावे के साथ शीर्ष पर है, जबकि पद्मनाभस्वामी मंदिर 750-800 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है।
अयोध्या में जनवरी 2024 में श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से ही यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु देश-विदेश से यहां दर्शन करने आ रहे हैं, जिससे मंदिर के चढ़ावे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान का उपयोग धार्मिक, सामाजिक और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, मंदिर ट्रस्ट द्वारा विभिन्न जनसेवा योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
वैष्णो देवी मंदिर, जो लंबे समय तक भारत के शीर्ष दान प्राप्त करने वाले मंदिरों में से एक था, अब पांचवें स्थान पर खिसक गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि श्री राम मंदिर की लोकप्रियता और अयोध्या में भक्तों की बढ़ती संख्या इसका प्रमुख कारण हो सकता है। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के बाद वैष्णो देवी यात्रा में आई गिरावट और यात्री संख्या में आई कमी भी चढ़ावे में आई कमी का कारण हो सकती है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, अयोध्या में श्रीराम मंदिर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह मंदिर भारत में सबसे अधिक दान प्राप्त करने वाला मंदिर बन सकता है और तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर को पीछे छोड़ सकता है।
भारत में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है, और भक्त अपने आस्था स्थल पर भारी मात्रा में दान कर रहे हैं। यह न केवल धार्मिक संस्थानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
Updated on:
19 Feb 2025 07:56 am
Published on:
19 Feb 2025 07:56 am
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