13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्रीराम के नाम पर भी धोखा! दान में आए आठ हजार चेक बाउंस, 80 हजार से अधिक चेक पेंडिंग

करीब तीन हजार करोड़ रुपए नगद के जरिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Sriram jambhoomi teerth kshetra trust) के खाते में आ चुके हैं, हालांकि मार्च माह के अंत तक इसकी सटीक गणना हो सकेगी, लेकिन चेक के जरिए दिए गए दान में बड़ी खामियां देखने को मिल रही है।  

2 min read
Google source verification
Cheque bounce

Cheque bounce

पत्रिका न्यूज नटवर्क.

अयोध्या. श्रीराम मंदिर (Sriram temple) के लिए चले निधि समर्पण अभियान में देश भर से दिल खोलकर दान आया। करीब तीन हजार करोड़ रुपए नगद के जरिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Sriram jambhoomi teerth kshetra trust) के खाते में आ चुके हैं, हालांकि मार्च माह के अंत तक इसकी सटीक गणना हो सकेगी, लेकिन चेक के जरिए दिए गए दान में बड़ी खामियां देखने को मिल रही है। इसमें 80 हजार से अधिक चेक पेंडिंग हैं। सबसे ज्यादा हैरत की बात यह है कि करीब आठ हजार चेक बैंक खातों में पैसे न होने के चलते बाउंस हो गए हैं। इससे जाहिर है कि कुछ लोगों में श्रीराम के प्रति आस्था दिखावटी है।

ये भी पढ़ें- अयोध्याः रामलला के दर्शन करने वालों को मिलेगी नई सुविधा, नहीं लगेगा एक भी रुपया, हुआ ऐलान

एसबीआई (SBI), पीएनबी (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में दान की राशि जमा हुई है। 80 हजार पेंडिंग चेक में से 50 हजार चेक एक ही बैंक में आए हैं। इन चेक की कुल कीमत करीब सौ करोड़ रुपए हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट डिजिटल प्लैटफॉर्म के जरिए पेंडिंग चेक्स व बैंकिंग व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। पेंडिंग चेक्स के बारे में उन्हें इसी से पता चला है।

ये भी पढ़ें- राम मंदिर निर्माण को लेकर आया बड़ा अपडेट, मुख्य वास्तुकार ने दी खुदाई से लेकर संपूर्ण निर्माण तक की पूरी जानकारी

बाउंस चेक (Bounce cheque) वालों को सूचित कर इकट्ठा की जाएगी राशि-

जो चेक बाउंस हुए हैं, उसके बारे में दानकर्ताओं को जानकारी देकर दोबारा राशि एकत्रित करने की कोशिश की जाएगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने बताया कि पूरे अभियान में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई। साथ ही अभियान में कूपन, एकत्र धन, बैंक में जमा की गई धनराशि को लेकर देश के सभी जिलों में ऑडिट कराया जा रहा है। चंपत राय का कहना है कि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) को विकसित किया गया है, इसमें एक साथ दानदाता, बैंक व सेंट्रल ऑफिस जुड़ा है। इन सभी को इस प्रकार से लिंक किया गया है, जिससे हम कभी भी यह बता सकें कि देश के किस बैंक में किस नंबर का चेक किसने जमा किए हैं। कितने चेक बैंक में पेंडिंग हैं। साथ ही बैंकों को बताया गया कि कितने चेक पेंडिंग हैं।