
स्वामी डॉ. वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी का बड़ा बयान। फोटो सोर्स-IANS
Swami Vaishnavi Jagdamba Nandgiri Big Statement: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर देशभर में जारी चर्चाओं के बीच किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्वामी डॉ. वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि चाहे मुख्यमंत्री हों, प्रधानमंत्री हों या राष्ट्रपति, सभी स्तरों पर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के हो। उनके अनुसार, पारदर्शी जांच ही पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है। उन्होंने कहा, ''जिसने भी गलत काम किया उसे सजा मिलनी चाहिए।''
महामंडलेश्वर ने कहा कि जब भी किसी धार्मिक या सामाजिक संस्था से जुड़ा कोई विवाद सामने आता है तो स्वाभाविक रूप से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। ऐसे मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय निष्पक्ष जांच सबसे जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे जो भी वास्तविक कारण हैं, उन्हें सामने लाया जाना चाहिए और जिसने भी गलत किया है, उसकी पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पद या जिम्मेदारी पर क्यों न हो।
स्वामी वैष्णवी जगदंबा नंदगिरी नेराम मंदिरके निर्माण को देश के करोड़ों लोगों की आस्था और लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों की कानूनी प्रक्रिया, सामाजिक प्रयास और धार्मिक संघर्ष के बाद भगवान श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद को अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा संबंध करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से है।
उन्होंने कहा कि जांच और कार्रवाई करना प्रशासन का अधिकार क्षेत्र है और संबंधित एजेंसियां कानून के अनुसार अपना काम करेंगी। संत समाज की सदस्य और देश की नागरिक होने के नाते उनकी यही अपेक्षा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़े, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
इस बीच, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। मोहर्रम के अवकाश के कारण सभी आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। मुकदमे में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मचारी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल तथा सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज चुकी है। मामले की विस्तृत जांच फिलहाल जारी है।
संबंधित विषय:
Updated on:
27 Jun 2026 10:19 am
Published on:
27 Jun 2026 10:08 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
