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राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में Tata Consulting Engineers के अधिकारी भी हुए शामिल

राम मंदिर निर्माण में Tata Consulting Engineers को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है
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अयोध्या

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Abhishek Gupta

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Updated: 31 Oct 2020, 1:40 PM IST

Ram mandir

Ram mandir

अयोध्या. राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir) में Tata Consulting Engineers (TCE) को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन शुक्रवार को निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र (Nripendra Mishra) ने एल एंड टी व Tata Consulting Engineers के अधिकारियों संग बैठक की, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपत राय समेत ट्रस्ट के कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। राम मंदिर निर्माण की प्रगति रिपोर्ट को लेकर निर्माण समिति की पहली बैठक अयोध्या के सर्किट हाउस में की गई। जिसमें मंदिर निर्माण से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। साथ ही मंदिर निर्माण कार्य से जुड़ी एल एंड टी कंपनी व पाइलिंग टेस्टिंग के लिए चेन्नई आईटीआई से आए एक्सपर्ट्स से प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी गई। इस दौरान बैठक में मौजूद टीसीई के अधिकारियों से भी पिलर्स की मजबूती व फाउंडेशन बनाए जाने पर राय ली गई।

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माना जा रहा है कि मंदिर निर्माण में एलएंडटी के साथ अब Tata Consulting Engineers को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। ट्रस्ट की इस बैठक में टाटा कंपनी के अधिकारियों के शामिल होना इस ओर इशारा करता है, हालांकि इस मामले में ट्रस्ट और निर्माण समिति का कोई भी सदस्य खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। निर्माण समिति की बैठक के बाद ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि इस बैठक में मंदिर निर्माण से संबंधित प्रगति रिपोर्ट के साथ अन्य कई विषयों पर चर्चा की गई है। मंदिर की आयु कैसे एक हजार वर्ष व उससे अधिक हो, इस पर बात हुई। दो दिवसीय बैठक में अंतिम निर्णय के बाद जानकारी दी जाएगी।