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पुलिस मुठभेड़ 25 हजार के इनामी बदमाश को लगी गोली, हत्या, लूट के 24 मुकदमें है दर्ज

आजमगढ़ जिले की पुलिस ने मुठभेड़ में अंर्तजनपदीय बदमाश को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ हत्या, लूट और डकैती के 24 मुकदमें दर्ज हैं।

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घायल बदमाश दीपक यादव को अस्पताल ले जाती पुलिस

घायल बदमाश दीपक यादव को अस्पताल ले जाती पुलिस

बरदह थाने की पुलिस और 25 हजार के इनामी दीपक यादव में रविवार को मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में दीपक के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके पास से अवैध पिस्टल, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद हुई है। दीपक की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी।

चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह हमराहियों के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी देवगांव कोतवाली पुलिस से सूचना मिली कि एक बदमाश लालगंज से बरदह की तरफ जा रहा है। पुलिस सर्तक हो गई। थोड़ी ही देर में एक बाइक सवार आता दिखा। पुलिस को देख उसने बाइक घुमा भागने की कोशिश की।


उसी समय पीछे से देवगांव पुलिस भी आ गई। दोनों तरफ से घिरने के बाद बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो बदमाश के पैर में गोली लग गई। बदमाश की पहचान दीपक यादव पुत्र नरेश यादव निवासी मेंहनगर के रूप में हुई। आरोपी के पास से बिना नंबर की बाइक, देशी पिस्टल और 2500 रुपए नकद बरामद हुए।


दीपक गैंग बनाकर घटनाओं को देता था अंजाम
पुलिस के मुताबिक दीपक ने बताया है कि हमारा गैंग योजना बनाकर लूट, चोरी, छिनैती और डकैती की घटनाओं को अंजाम देता है। इस गैंग में कुलदीप उर्फ कंवलदीप, दिनेश, दीपक राजभर, आसिफ और अंशिका जो कि गोरखपुर की रहने वाली है शामिल हैं। हमारा गैंग कई वर्षों से लगातार घटनाओं को अंजाम देता है। घटनाओं को अंजाम देने में गैंग के लोग पूरी सतर्कता बरतते हैं।


लूट के लिए पति-पत्नी की हत्या की थी
03 मई 2018 को जौनपुर जिले में बाइक से जा रहे पति-पत्नी से लूट की थी। विरोध करने कर उनकी हत्या कर दी थी। 29 नवंबर को आजमगढ़ जिले में गोली मारकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। 13 अगस्त को भी लूट के दौरान पीड़ित को गोली मारी थी।


दीपक की गिरफ्तारी के लिए गठित थी कई टीम
पुलिस ने इन घटनाओं के खुलासे और दीपक की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया था। नौ दिसंबर को घटना में शामिल कुलदीप उर्फ कंवलदीप और अंशिका को गिरफ्तार कर लिया गया था। दीपक राजभर को भी 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। दीपक यादव लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

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लूट के बाद पीड़ित को गोली जरूर मारता था दीपक
अर्न्तजनपदीय लूट गैंग का यह गिरोह जब भी किसी को लूटता था, उसे गोली मार देता था। यह गैंग मोबाइल को रख कर वर्चुअल नंबर बिना सिम के जनरेट कर आपस में बात करते हैं। ताकि इनके लोकेशन का पता न चले। लुटेरे चौराहे और मुख्य मार्गो का प्रयोग नहीं करते हैं। आरोपी पगडंडी और नहर आदि के संपर्क मार्गों का प्रयोग करते हैं।

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दीपक के खिलाफ 24 आपराधिक मुकदमें दर्ज
दीपक यादव के खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर और मऊ जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, छिनैती और डकैती के 24 मुकदमें दर्ज हैं। बदमाश पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

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एएसपी ग्रामीण बोले-लंबे समय से थी तलाश
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राहुल रूसिया ने बताया कि दीपक यादव की लंबे समय से पुलिस को तलाश थी। उसके खिलाफ 24 मुकदमें दर्ज हैं। यह गैंग का लीडर है। उसे आज मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। गैंग के लोग जब भी किसी को लूटते थे तो साक्ष्य मिटाने के लिए उसे मार देते थे।