
अखिलेश यादव
आजमगढ़. सपा मुखिया अखिलेश यादव ही आजमगढ़ में मुलायम सिंह यादव की विरासत को संभालेंगे यह लगभग तय हो गया है। खुद अखिलेश यादव ने एक निजी चैनल के कार्यक्रम में इस बात का खुलासा किया है। अखिलेश ने कहा कि यदि आजमगढ़ की जनता चाहेगी और संगठन उनका नाम भेजेगा तो वे आजमगढ़ से चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गयी है। सूत्रों की मानें तो स्थानीय संगठन पहले ही अखिलेश को आजमगढ़ से लड़ने के लिए आमंत्रित कर चुका है। ऐसी स्थित में उनका मैदान में उतरना तय माना जा रहा है।
बता दें कि पूर्वांचल की आजमगढ़ संसदीय सीट इस समय सर्वाधिक चर्चा में है। पिछले चुनाव में मोदी लहर के बाद भी बीजेपी यह सीट हार गयी थी। सपा के पास पूर्वांचल में यही एक मात्र सीट थी जिसपर उसे जीत मिली थी। जीत का कारण मुलायम सिंह यादव का यहां से चुनाव लड़ना था। बसपा का पूर्वांचल में सूपड़ा साफ हो गया था। वर्ष 2019 के चुनाव में सपा बसपा गठबंधन कर मैदान में उतर रही है। आजमगढ़ जिले की लालगंज सुरक्षित सीट बसपा के खाते में गयी है। जिसपर उनके घूरा राम को प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है लेकिन आजमगढ़ सीट जो सपा के खाते में है इसे लेकर संसय बरकरार है। यहां से अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने की जोरदार चर्चा थी।
रविवार को अखिलेश यादव ने इशारों में ही सही लेकिन इसकी पुष्टि भी कर दी। उन्होंने एक निजी चैनल के कार्यक्रम में कहा है कि अगर आजमगढ़ की जनता चाहेगी और संगठन उनके नाम का प्रस्ताव भेजेगा तो वे चुनाव जरूर लड़ेगे। सपा सूत्रों की मानें तो संगठन काफी पहले ही अखिलेश को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दे चुका है और अखिलेश यादव इसपर सहमति भी जता चुके हैं।
By Ran Vijay Singh
Published on:
17 Mar 2019 03:05 pm
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