
UP State Women Commission member Priyanka Maurya
Azamgarh Jail : उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और उनके अधिकारों को लेकर सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है, और इसी सिलसिले में आजमगढ़ जिला जेल का दौरा करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य प्रियंका मौर्या ने महिला कैदियों की समस्याओं को जाना। उन्होंने जेल के महिला बन्दीगृह, चिकित्सालय, और रसोईघर का निरीक्षण किया, साथ ही महिला कैदियों के साथ बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कैदियों को फल बांटे और उन्हें स्वावलंबन के लिए प्रेरित किया।
प्रियंका मौर्या का दौरा मुख्य रूप से महिला कैदियों की स्थिति का आकलन करने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए था। उन्होंने महिला बंदियों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, और पुनर्वास के मुद्दों पर फोकस किया। कैदियों ने अपनी समस्याओं को साझा किया, जिसमें शिक्षा और रोजगार के अवसरों की कमी, मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता जैसे विषय प्रमुख थे।
महिलाओं की पुनर्वास प्रक्रिया पर जोर देते हुए प्रियंका मौर्या ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर महिला को उनका अधिकार और सम्मान दिलाना है, चाहे वह किसी भी स्थिति में हो। उन्होंने महिला कैदियों को इस बात के लिए प्रेरित किया कि वे स्वावलंबी बनें और जेल से बाहर निकलने के बाद समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार हों।
निरीक्षण के दौरान प्रियंका मौर्या ने जेल के महिला बन्दीगृह, चिकित्सालय और रसोईघर की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इन सुविधाओं की स्थिति के बारे में जेल प्रशासन से बातचीत की और सुधार के निर्देश भी दिए। जेल में महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता और शिक्षा के अवसरों को लेकर मौर्या ने अपनी चिंता व्यक्त की।
स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में उन्होंने जेल प्रशासन से कहा कि महिला कैदियों के लिए चिकित्सीय सुविधाओं को और बेहतर किया जाए। कैदियों की शिकायतें सुनने के बाद प्रियंका मौर्या ने यह भी सुनिश्चित किया कि हर महिला कैदी को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे अपने समय का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकें।
महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने पर बल देते हुए प्रियंका मौर्या ने महिला कैदियों को बताया कि जेल में रहकर भी वे शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में कदम उठा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वावलंबन से ही वे जेल से बाहर निकलकर एक नई शुरुआत कर सकती हैं।
उन्होंने जेल में उपलब्ध शिक्षा और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी ली और इस दिशा में सुधार की मांग की। जेल में महिला कैदियों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिनमें सिलाई, कढ़ाई, बुनाई जैसे कार्य शामिल हैं। मौर्या ने महिला कैदियों को बताया कि इन कार्यक्रमों के जरिए वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं और बाहर निकलने पर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
प्रियंका मौर्या ने उत्तर प्रदेश सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की और कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर महिला को उसका अधिकार और सम्मान मिले, चाहे वह जेल में हो या बाहर। उन्होंने कहा कि महिला कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि महिला कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उन्हें हर संभव मदद प्रदान की जाए, ताकि वे अपने जीवन को फिर से संवार सकें।
प्रियंका मौर्या के इस दौरे ने यह संदेश दिया कि सरकार महिला कैदियों के अधिकारों और उनकी भलाई को लेकर सजग है। उनकी मुलाकात से महिला कैदियों को न केवल प्रेरणा मिली, बल्कि उन्हें यह अहसास भी हुआ कि समाज और सरकार उनके उत्थान के लिए प्रयासरत है। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो भविष्य में और भी प्रभावशाली परिणाम लाने की क्षमता रखता है।
Published on:
18 Oct 2024 07:52 am
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