बरदह थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग किशोरी के साथ शिक्षक और महिला सिपाही ने मिलकर क्रूरता की हदें पार कर दीं। आरोप है कि उसे चोरी के झूठे आरोप में बुलाकर गर्म चिमटे से दागा गया और बेरहमी से पीटा गया।
Azamgarh crime: आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग किशोरी के साथ शिक्षक और महिला सिपाही ने मिलकर क्रूरता की हदें पार कर दीं। आरोप है कि उसे चोरी के झूठे आरोप में बुलाकर गर्म चिमटे से दागा गया और बेरहमी से पीटा गया।
बरदह क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह अपने दो भाइयों के साथ रहती है, जिनमें से एक मुंबई में काम करता है। किशोरी कस्बे के ही प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सदाशिव तिवारी के घर घरेलू कार्य करती थी। शिक्षक सदाशिव के दो मकान हैं, जिनमें से एक में बरदह थाने में तैनात महिला सिपाही रीना द्विवेदी अपने पति के साथ किराए पर रहती है।
पीड़िता का आरोप है कि शिक्षक की उस पर नीयत खराब हो गई थी। जब उसने काम छोड़ दिया तो शनिवार को चोरी का झूठा आरोप लगाकर उसे घर बुलाया गया। थोड़ी देर में उसके भाई को भी पुलिसकर्मी उठाकर ले गए। इसके बाद शिक्षक सदाशिव तिवारी, महिला सिपाही रीना द्विवेदी और उसके पति ने मिलकर किशोरी को पूरी रात पीटा और गर्म चिमटे से दागा। उसकी चीख-पुकार सुनने वाला कोई नहीं था।
रविवार को महिला सिपाही रीना द्विवेदी उसे लेकर बरदह थाने पहुंची, जहां पहले से मौजूद शिक्षक सदाशिव के साथ जबरन सुलहनामा तैयार कराया गया और हस्ताक्षर करवा लिए गए। बाद में उसे और उसके भाई को छोड़ दिया गया।
सोमवार को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिलकर पूरी आपबीती बताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी के आदेश पर बरदह पुलिस ने शिक्षक सदाशिव तिवारी, महिला कांस्टेबल रीना द्विवेदी व उसके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसपी ने महिला सिपाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा देने का भी आश्वासन दिया है।