5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मैनेजर ने मांगी सार्वजनिक माफी, तब जाकर समाप्त हुआ बैंक सखियों का आंदोलन

बैंक सखी, सखी समूह की महिलाओं ने बैंक मैनेजर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मैनेजर व गार्ड पर गंभीर आरोप लगाते हुए मांफी की जिद पर अड़ी रही। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बैंक मैनेजर में माफी मांगी फिर मामला शांत हुआ।

2 min read
Google source verification
बैंक सखियों को समझाती पुलिस

बैंक सखियों को समझाती पुलिस

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. आखिरकार यूनियन बैंक चितारा महमूदपुर के शाखा प्रबंधक व विकासखंड मार्टिनगंज ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत रखी गई समूह सखियों के बीच का विवाद सार्वजनिक माफी के बाद समाप्त हो गया। बैंक सखियों ने ऐसी अभद्रता की दोबारा पुनरावृत्ति न होने के आश्वासन पर घर लौट गयी।

बता दें कि मार्टीनगंज की बैंक सखी शांती राजभर ने यूनियन बैंक आफ इंडिया चितारा महमूदपुर के बैंक मैनेजर व गार्ड पर अभद्र व्यवहार करने तथा बैंक से बाहर निकालने का आरोप लगाया था। इसके बाद शनिवार को सैकड़ों की संख्या में बैंक सखी बैंक पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दी थी। सखियों ने बैंक का शटर गिराकर कामकाज को ठप कर दिया था। दीदारगंज थाने की पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और बैंक सखिया मांफी की जिद पर अड़ी हुई थी।

सखी शांति राजभर ने आरोप था कि बैंक मैनेजर और गार्ड ने 19 तारीख को अभद्रता की और हाथ पकड़ कर मुझे बाहर निकाल दिया। बैंक सखियों ने बताया कि उन्हें 4 दिन बैंक में काम करना है। उसके बाद क्षेत्र में अपना वर्क पूरा करना होता है। अपना काम निपटानेे के लिए ह ीवे बैंक आती है लेकिन यहां उनके साथ दबंगई की जाती है। बैंक सखियों ने इस संबंध में एक वीडियो भी चौकी इंचार्ज बाग बहादुर सिंह को दिया और किसी भी हालत में आंदोेलन समाप्त न करने की जिद पर अड़ी रही।

वहीं बैंक मैनेजर का कहना था कि ऊपर से आदेश है कि बैंक समय रहते ही अपने कार्य को निपटा सकती हैं। बैंक का समय समाप्त होने के बाद इन्हें कार्य करने की अनुमति नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुननेे के बाद बैंक मैनेजर को माफी मांगने के लिए तैयार किया। बैंक मेनेजर ने सार्वजनिक तौर पर सभी सखियों से माफी मांगी इसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया। देर शाम बैंक सखियों के घर लौटनेे के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।