
नव निर्वाचित ब्लाक प्रमुख दुलारी देवी
आजमगढ़. आखीरकार सत्ता ने अपनी वाली कर ली और मुलायम का गढ़ कहे जाने वाले जिला आजमगढ़ के दो ब्लाकों में निजाम बदल गया। न तो सपा की ताकत काम आयी और ना ही सहानुभूति का लाभ मिला। सत्ता के क्रेंद्र में बने रहने की चाहत और धन की चमक के आगे न पार्टी दिखी और ना ही प्रत्याशी की छवि, बस कुछ दिखा तो सिर्फ लाभ का सौदा। जिलाधिकारी ने भी देर शाम विजेता प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र देकर ब्लाक का निजाम सौंप दिया। अब जल्द ही इन्हें शपथ दिलायी जायेगी। दोनों ही नव निर्वाचित ब्लाक प्रमुखों ने लोगों से बिना किसी भेदभाव के विकास का वादा किया।
बता दें कि जिन दो सीटों पर उप चुनाव हुआ वे हाई प्रोफाइल सीटे हैं। हरैया क्षेत्र में हमेशा से ही सपा का दबदबा रहा है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान यहां सपा की भोलवा देवी ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। लोग कहते थे कि यह सपा का अजेय किला है। सत्ता में आने के बाद भाजपा ने सबसे पहले इसी सीट पर नजर डाला। भाजपा के बड़े नेताओं की सह पर क्षेत्र पंचायत सदस्य 28 जून को भोलवा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये तो सत्ता की हनक में सपा का किला ध्वस्त हो गया और भोलवा देवी के पक्ष में मात्र दो वोट पड़े। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 55 सदस्यों ने मतदान किया।
उप चुनाव के दौरान सपा की तरफ से परदेशी राम ने मैदान में उतरने का दावा किया तो लगा चुनाव दिलचस्प होगा लेकिन अंतिम समय में भाजपा की दुलारी को वाकओवर मिल गया। कारण कि उनके खिलाफ किसी ने नामांकन ही नहीं किया। रविवार की देर शाम निर्विरोध निर्वाचन के बाद जब दुलारी देवी प्रमाण पत्र लेने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची तो उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, संतोष सिंह, प्रधान तहसीम सेठ, शिवम सिंह, बीडीसी अजहर, सत्यन यादव, मिस्टर सिंह, प्रधान सुभाष, विनोद विश्वकर्मा, शुभनाथ, सुनील सिंह, विनोद सिंह, प्रधान जयप्रकाश गौड़, मुन्ना सिंह समेंदा, विजयी राय आदि भाजपा नेता भी नजर आये। प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद नव निर्वाचित ब्लाक प्रमुख दुलारी देवी ने कहा कि क्षेत्र का विकास मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं संतोष सिंह ने इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया।
वहीं मार्टीनगंज में ब्लाक प्रमुख सौरभ सिंह के निधन के बाद सीट खाली हुई और उनके भाई गौरव सिंह मैदान में उतरे तो माना जा रहा था कि इन्हें सहानुभूति का लाभ मिलेगा लेकिन चुनाव में पूर्व सांसद रमाकांत यादव की इंट्री ने गौरव का खेल बिगड़ दिया। यहां के क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी सत्ता को तरजीह दी और रमाकांत के साथ खड़े हो गये। मार्टीनगंज के नव निर्वाचित क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष मनोज सिंह ने भी प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद बिना किसी भेदभाव के विकास का वादा किया।
आजमगढ़ से रण विजय सिंह की रिपोर्ट...
Published on:
14 Aug 2017 10:01 am
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