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भाजपा के बाहुबली पूर्व सांसद ने थामा सपा का दामन! फेसबुक पर शाम से ही शुरू है बधाइयों का दौर

फेसबुक पर शाम से ही शुरू है बधाइयों का दौर...

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bjp leader Bahubali Ramakant yadav join Samajwadi party rumor on fb

भाजपा के बाहुबली पूर्व सांसद ने थामा सपा का दामन! फेसबुक पर शाम से ही शुरू है बधाइयों का दौर

आजमगढ़. लगातार सवर्णों पर हमला कर भाजपा में अलग-थलग पड़ चुके बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने सपा का दामन थाम लिया है। पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद के साथ माला पहने उनकी फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यादव जाति के लोग रमाकांत यादव को लगातार बधाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि, रमाकांत के सपा में वापसी से मुलायम के गढ़ में पार्टी को मजबूती मिलेगी, लेकिन एक और कारण से रमाकांत यादव आज खूब चर्चा में कारण कि सपा छोड़ने के बाद उन्होंने दावा किया था कि वे तो दूर उनकी लाश भी सपा में नहीं जा सकती। यहीं नहीं रमाकांत ने मुलायम सिंह को अपना राजनीतिक गुरू मानने से भी इनकार किया था। ऐसे में उनके समर्थकों को भी विश्वास नहीं है कि रमाकांत सपा में जाएंगे।


बता दें कि, वर्ष 2016 से ही रमाकांत और बेजीपी के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पहले रमाकांत ने मऊ में सम्मेलन के बाद राजनाथ पर मुलायम सिंह यादव के साथ साजिश कर प्रधानमंत्री बनने का प्रयास करने का आरोप लगाया था तो कुछ दिन बाद ही उनका सवर्णों को अपशब्द कहने वाला आडियो वायरल हुआ था।


वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पांच टिकट न मिलने पर भी रमाकांत ने बीजेपी से खुलकर बगावत की थी। उस समय उन्होंने निर्दल प्रत्याशी उतारने और उनके प्रत्याशियों को बीजेपी से कम वोट मिलने पर लोकसभा चुनाव में टिकट न मांगने की बात कही थी। रमाकांत ने अपने भाई की बहू अर्चना को दीदारगंज विधानसभा से निर्दल मैदान में भी उतारा था, लेकिन उन्हें सिर्फ पांच हजार वोट मिले जबकि रमाकांत के गृह क्षेत्र से सटी विधानसभा होने के बाद भी बगावत का असर नहीं हुआ और बीजेपी ने यहां 40 हजार के करीब मत हासिल किया।

यही नहीं पिछले दिनों रमाकांत ने योगी सरकार पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि, सरकार पिछड़ों को कीड़ा मकोड़ा समझती है जो आने वाले समय में भारी पड़ेगा। इसके पूर्व रमाकांत ने जिला पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में सपा प्रत्याशी का साथ दिया था। तभी से यह चर्चा थी कि भाजपा में अलग थलग पड़ चुके रमाकांत यादव अब सपा में अपने लिए जगह तलाश रहे हैं। चर्चा तो यहां तक थी कि, पूर्व सीएम अखिलेश से बातचीत के बाद ही उन्होंने सपा का साथ दिया लेकिन फिर यह चर्चा ठंडे बस्ते में चली गई।


शुक्रवार की रात राजनीतिक गलियारे में उस समय माहौल गरम हो गया। जब सपा से जुड़े यादव विरादरी के कुछ लोग रमाकांत और दुर्गा यादव का एक साथ माला पहने फोटो फेसबुक पर लगाकर सपा में शामिल होने की हवा उड़ाई। यहां रमाकांत यादव और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे भी लिखे गये। इसके बाद आधी रात तक खुद सपा के पदाधिकारी यह पता करते रहे कि, क्या रमाकांत यादव वास्तव में पार्टी में आ गए हैं। कारण कि, जिला इकाई को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। देर रात जब रमाकांत यादव से इस संबंध में बात हुई तो उन्होंने कहा कि, सब अफवाह है। विरोधी साजिश के तहत ऐसा प्रचार कर रहे हैं। उनका कहीं जाने का सवाल ही नहीं उठता वे पार्टी के साथ है।

-रणविजय सिंह