
व्यवसायी हत्याकांड : पुरानी रंजिश या फिर रंगदारी के लिए मारी गयी गोली?
आजमगढ़. अहरौला कस्बे के पास पकड़ी नहर चौराहे पर शनिवार की सुबह मिष्ठान विक्रेता जितेंद्र उर्फ नाटे की गोली मारकर हत्या के पीछे कहीं पुरानी रंजिश व रंगदारी की मांग तो नहीं। घटना के बाद क्षेत्र में इस बात की चर्चा जोरों पर है। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे कुछ लोगों ने दबी जुबान से रंगदारी की बात स्वीकार भी की। वैसे पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर दो के खिलाफ नामजद मुकादमा दर्ज कर गिरफ्तारी का प्रयास तेज कर दिया है।
अहरौला कस्बे के मुख्य चौक पर रहने वाले जितेंद्र उर्फ नाटे हलवाई ने कस्बें से बाहर पकड़ी नहर मार्ग के पास मिष्ठान की दुकान किया था। लगभग 8 वर्ष पूर्व जितेंद्र की दुकान पर पथराव किए जाने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद मिष्ठान विक्रेता व उसके परिजनों ने क्षेत्र के पकड़ी ग्राम निवासी एक युवक को मारा पीटा था। इस घटना के प्रतिशोध में मार खाए पकड़ी गांव के युवक ने अपने गांव के एक युवक के साथ जितेंद्र को मारने की योजना बनाई लेकिन सफलता नहीं मिली। उस बार भी स्थानीय लोगों द्वारा हमलावरों को दौड़ा लिए जाने पर वह भाग खड़े हुए थे।
लगभग 1 साल पूर्व अतरौलिया थाने की पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन असलहाधारी युवकों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया था कि वह अहरौला कस्बा निवासी जितेंद्र व उसके भाई नागेंद्र की हत्या के इरादे से जा रहे थे। कुछ दिनों तक जेल में निरुद्ध होने के बाद पकड़े गए युवक जमानत पर छूटे थे। जेल से छूटने के बाद व्यवसाई परिवार से खार खाए हमलावरों ने उनसे बदला लेने की सोची इसी के तहत शनिवार की सुबह बाइक सवार तीन युवक जितेंद्र की दुकान पर पहुंचे। एक युवक हेलमेट लगाए हुए था जबकि दूसरा युवक साफ चेहरे का था। तीसरे के बाद में कोई खास जानकारी नहीं दे पाया।
बताते हैं कि उन्होंने दुकान पर जलपान किया। इसके बाद हेलमेट वाले युवक ने बाइक चालू कर दी। दूसरे युवक ने जीतेंद्र से कहा कि न तुमने हमारी बात मानी और ना ही माफी मांगा इसका अंजाम तुझे भुगतना होगा। इसके बाद उसने अपने पास रखे असलहे से जितेंद्र के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही हमलावर ने जमीन पर गिरे जितेंद्र को दूसरी गोली मारी और फिर बाइक सवार साथी के साथ भागने लगा इस दौरान जितेंद्र के पिता के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने जब बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने असलहा से फायर झोंक दिया। जिसके कारण लोग भय बस इधर-उधर दुबक गए।
बदमाश फुलवरिया बाजार की ओर फरार हो गए। इस घटना की जानकारी पाते ही क्षेत्र के व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अहरौला थाने का घेराव किया। उग्र लोगों ने थाने पर मौजूद प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों को थाने से बाहर निकाल कर थाने को आग के हवाले करने की योजना बना ली। आक्रोशित ग्रामीणों का तेवर देख थाना प्रभारी अपने कर्मचारियों के साथ वाहन पर बैठ कर अपराधियों की तलाश में निकलने की बात कहते हुए वहां से हट जाने में ही अपनी भलाई समझी। थाने को आग के हवाले करने पर आमादा लोगों का तेवर उग्र देख जितेंद्र के भाई नागेंद्र ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
उधर अपराधियों की तलाश में निकलने की बात कह थाने से रवाना हुए थानाध्यक्ष अहरौला ने घटना की जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। दूसरी तरफ जितेंद्र को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद लोगों ने नहर के पास चौराहे पर शव रख रास्ता जामकर हंगामा शुरू कर दिया। विरोध में अहरौला, मतलूबपुर, पकड़ी बाजार की दुकाने पूरे दिन बंद रही। एसपी द्वारा काफी मान-मनौव्वल के बाद सुबह करीब 8ः00 बजे लगाया गया जाम दिन के करीब 12ः00 बजे समाप्त हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
By- रणविजय सिंह
Updated on:
11 Aug 2018 08:25 pm
Published on:
11 Aug 2018 08:18 pm
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