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रिपोर्ट:-रणविजय सिंह
आज़मगढ़। मंडलायुक्त ने मण्डल के तीनों जनपदों के राजस्व न्यायालयों में 5 वर्ष तथा उससे अधिक अवधि के लम्बित राजस्व वादों के सापेक्ष मासान्त सितम्बर तक हुए निस्तारण की स्थिति की समीक्षा सोमवार को की। इस दौरान कुछ न्यायालयों की समीक्षा अधूरी रह गयी। जिन न्यायालयों की समीक्षा हुई उनमें निस्तारण की स्थित काफी दयनीय पाई गयी। इस गंभीरता से लेते हुए कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
आज़मगढ़ में तहसीलदार निज़ामाबाद के न्यायालय में लम्बित 445 वादों में से 61 का निस्तारण, तहीसलदार एवं तहसीलदार(न्यायिक) लालगंज के न्यायालय में लम्बित 257 के सापेक्ष 35, उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय में लम्बित 130 के सापेक्ष 32 निस्तारण तथा मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय में लम्बित 331 वादों के सापेक्ष 18 का निस्तारण किया गया है। मण्डलायुक्त ने निस्तारण की इस स्थिति से असन्तोष व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इसके अलावा उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर के न्यायालय में निस्तारण मानक के अनुरूप पाया गया परन्तु माह अगस्त में कम हुए निस्तारण के सम्बन्ध में पूर्व में मांगा गया स्पष्टीकरण अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है जिसके कारण इन्हें भी कारण बताओ नोटिस निर्गत की गयी। तहसीलदार घोसी के न्यायालय में 197 लम्बित वादों में से 23 का निस्तारण मिलने पर तहसीलदार घोसी को भी नाटिस निर्गत की गयी।
मण्डलायुक्त जगत राज ने जनपद बलिया के अवशेष न्यायालयामें में 5 वर्ष तथा उससे अधिक अवधि के लम्बित राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा में पाया कि उपजिलाधिकारी बैरिया के न्यायालय में लम्बित 821 के सापेक्ष 46 निस्तारण, तहसीलदार बेल्थरारोड के न्यायालयों में लम्बित 375 के सापेक्ष 31 निस्तारण, तहसीलदार न्यायिक बलिया के न्यायालय में लम्बित 784 के सापेक्ष 46, तहसीलदार एवं तहसीलदर (न्यायिक) रसड़ा के न्यायालय में 775 के सापेक्ष 32, तहसीलदार बैरिया के न्यायालय में 294 के सापेक्ष 30 वादों का किया गया है, जो मानक से काफी कम है। इसी प्रकार बलिया में ही उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर द्वारा 415 के सापेक्ष 25, उपजिलाधिकारी बलिया द्वारा 649 में से 39 तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में लम्बित 602 के सापेक्ष 22 का निस्तारण किया गया है। मण्डलायुक्त जगत राज ने जनपद बलिया में बड़ी संख्या में 5 वर्ष तथा उससे अधिक अवधि के राजस्व वाद लम्बित पाये जाने तथा निस्तारण की स्थिति अत्यन्त खराब मिलने पर सम्बन्धित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होने तीनों जनपदों के सम्बन्धित अधिकारियों को आगाह किया कि इस स्थिति पर एक सप्ताह के अन्दर स्थिति स्पष्ट नहीं कराई जाती है तो सम्बन्धित के विरुद्ध कार्यवाही हेतु प्रस्ताव शासन/राजस्व परिषद को भेज दिया जायेगा।
Published on:
29 Oct 2018 09:16 pm
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