13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोजपुरी के लिए अभिशाप है अश्लीलता

एडीएम से मिलकर प्रयास सामाजिक संगठन ने सौंपा ज्ञापन, कहा धड़ल्ले से बजाए जा रहे अश्लील भोजपुरी गानों पर लगे रोक।

2 min read
Google source verification
Protest

Protest

आजमगढ़. भोजपुरी गीतों में जातिगत आधार पर अश्लीलता परोसे जाने से नाराज सामाजिक संगठन प्रयास ने मंगलवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने ऐसे गानों पर तत्काल रोक लगाये जाने की मांग किया।

इसे भी पढ़ें
BJP की विरोधी पाटी के शक्ति प्रदर्शन में शिरकत करेंगे योगी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर!, इरादा क्या है ?

इसे भी पढ़ें
दूध में मिलाते हैं ऐसी चीज, 35 रुपये लीटर खरीदकर 20 रुपये में बेचने पर भी होता है जबरदस्त मुनाफा


सामाजिक संगठन प्रयास के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भोजपुरी गानों में अभद्र, अश्लील एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कलाकारों द्वारा तेजी के साथ किया जा रहा है। जो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहें हैं। इन गानों के बोल बेहद अपमान जनक एवं शर्मसार कर देने वाले हैं। जिसके चलते उस समाज से जुड़े लोगो की भावनाएं आहत हो रही हैं। गानों में जाति Suchak शब्दो का प्रयोग होने से हमारी लोक संस्कृति और भारतीय सभ्यता का गौरव निरन्तर गिरता जा रहा है।

इसे भी पढ़ें

थाने में मरे रामजी मिश्रा के घर पहुंचे MLA विजय मिश्रा, परिजनों को दिये साढ़े तीन लाख, कहा मैं उठाउंगा बेटियों की पढ़ाई और शादी का खर्चा

ऐसे कृत्यों के विरूद्ध कड़े से कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहाकि गानों के जरिये कई जातियां को एक दूसरे से लड़ाकर समाज को तोड़ने का कुचक्र रचे जाने का भी काम किया जा रहा है जो निन्दनीय है। जिससे आमजन मानस में बेहद रोष व्याप्त है। भोजपुरी हमारी पूर्वी क्षेत्र की आम बोलचाल की भाषा है लेकिन इसके जरिये अभद्रता परोसे जाने के पीछे कुछ लोगों के मंशा बिल्कुल ठीक नहीं है। यहीं नहीं सवारी वाहनों जीप, आटो रिक्शा, आदि में अश्लील गानें धड़ल्ले से बजाये जा रहे है। ऐसे गानों पर अगर जल्द से जल्द पावंदी नही लगी तो हम प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।


इस अवसर पर अतुल, इंजी सुनील यादव, राजीव कुमार शर्मा, डा वीरेन्द्र पाठक, शम्भूदयाल सोनकर, हरिश्चन्द, डा हरिगोविन्द, यमुना मौर्या, शमसाद अहमद, सुशील कुमार, मोनू कांत चौबे, दिलशाद अहमद, रामजन्म आदि मौजूद रहे।

By Ran Vijay singh