
योगी आदित्यनाथ ओम प्रकाश राजभर
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर विपक्ष अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है। पर इस बार यह शक्ति प्रदर्शन कुछ ऐसा होने की उम्मीद है जिससे बीजेपी को झटका लग सकता है। इसमें बीजेपी की एक सहयोगी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल होंगे। यह शक्ति प्रदर्शन होगा अपना दल के बैनर तले। अपना दल कृष्णा पटेल गुट की ओर से वाराणसी में पार्टी संस्थापक स्व. सोनेलाल पटेल की 69वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने के साथ ही एक सियासी संदेश भी देने की कोशिश होगी।
इस आयोजन में रालोद के जयंत सिंह और कांग्रेस नेता संजय सिंह समेत नेता जुटेंगे। पर एक और नेता जिसके इस आयोजन में शिरकत की बात कही जा रही है उसके आने से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वह नेता कोई और नहीं यूपी में भाजपा की सहयोगी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और योगी सरकार में कैबिनेट मेंत्री ओम प्रकाश राजभर हैं। अपना दल की ओर से उन्हें न्योता भेजा गया है। पार्टी के मंडल अध्यक्ष राजेश पटेल ने पत्रिका को बताया है कि राजभर आायेजन में शिरकत करेंगे, इसके लिये उनके प्रतिनिधि शशि प्रकाश सिंह से बात भी हुई है। उन्होंने आश्वस्त भी किया है।
राजेश पटेल ने बताया है कि किसान दिवस के रूप में मनाई जा रही स्व. सोनेलाल पटेल की जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल करेंगी। उनके अलावा प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल नेतृत्व में आयोजन की जिम्मेदारी पदाधिकारियों को दी गयी है। आयोजन में 50 हजार भीड़ जुटाने की दावा किया जा रहा है। इसके लिये सभी विधानसभाओ में कोआर्डिनेटर नियुक्त कर उन्हें भीड़ जुटाने का टार्गेट दिया गया है। आयोजन इस बार बनारस के छावनी स्थित मल्टी परपज हॉल ग्राउंड में किया जा रहा है।
उनहोंने बताया कि आयोजन के लिये समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक दल, मार्कस्वादी कम्युनिस्ट पार्टी, CPI, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी आदि राजनीतक दलों को आमंत्रित किया गया है। कांग्रेस की ओर से राज्य सभा डॉ. सांसद संजय सिंह व राष्ट्रीय लोक दल के जयंती चौधरी का प्रोटोकॉल भी आ चुका है। इसके अलावा यूपी के कैबिनेट मंत्री व सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी आएंगे। उनके आने को लेकर उनके प्रतिनिधि ने आश्वस्त किया है।
बता दें कि ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने यूपी में बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा। योगी सरकार बनने के बाद राजभर को कैबिनेट मंत्री का पद भी मिला। पर सरकार बनने के बाद से ही राजभर लगातार बीजेपी की टेंशन बढ़ाने वाले काम करते रहे हैं। यहां तक कि वह बीजेपी को गठबंधन से निकलने जैसी धमकी तक दे चुके हैं। राजभर लगातार मीडिया में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते रहे हैं। बावजूद वह बीजेपी के साथ रहने का दावा भी करते रहे हैं। ऐसे में यदि दावा सच हुआ और ओम प्रकाश राजभर इस आयोजन में शामिल हुए तो उनका यह कदम सियासी हलकों में भूचाल ला देगा, क्योंकि अपना दल दो फाड़ में बंट चुका है। अनुप्रिया पटेल गुट तो बीजेपी के साथ है पर कृष्णा पटेल का गुट अलग है। इस गुट ने विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, हालांकि उसका कोई प्रत्याशी जीत नहीं सका।
Published on:
1 Jul 2018, 1:04 PM IST
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