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CM योगी ने पीड़ित से कहा था न्याय मिलेगा, लेखपाल ने ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ कहकर लौटा दिया

UP के आजमगढ़ में जमीन पर कब्जे की शिकायत की तो मौके पर गए लेखपाल ने पीड़ित से कहा जिसकी लाठी उसकी भैंस और लौटा दिया।

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Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ

आजमगढ़. सरकार अगर कुछ करना भी चाहे तो अक्सर मातहत उसकी राह का रोड़ा बन जाते हैं। पिछले कुद महीनों में यूपीम भी कई जगह ऐसा देखने को मिला। एक बार फिर ऐसा ही कुछ हुआ है। मामला यूपी के आजमगढ़ जिले का है। यहां के एक व्यक्ति ने सीएम योगी आदित्यनाथ से अपनी जमीन पर जबरन कब्जे की शिकायत की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उसे भरोसा दिलाया था और कहा था कि न्याय मिलेगा। पर अब जो खबर आ रही है वह यह कि जमीन नापने गए लेखपाल ने पीड़ित को यह कहकरर लौटा दिया कि 'जिसकी लाठी उसकी भैंस।'


फूलपुर तहसील क्षेत्र के पल्थी बाजार में एक व्यक्ति की भूमि पर दबंग कब्जा कर रहे हैं। जब पीड़ित राजस्व विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर रहा है तो वो कह रहे हैं 'जिसकी लाठी उसकी भैस'। न्याय की चाह में वह सीएम योगी आदित्यनाथ तक से मिला लेकिन हालात जस के तस हैं। तहसील के अधिकारी सही ढंग से सीमाकंन तक नहीं कर रहे हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन को पत्र देकर तत्काल कार्रवाई न होने पर डीएम कार्यालय पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।

फूलपुर तहसील क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी सुभाष पुत्र बसंतू और उनके भतीजे मुनीश गुप्ता का आरोप है कि क्षेत्र के पल्थी गांव में गाटा संख्या 447 रकबा 950 कड़ी में आधा यानि 475 कड़ी उन्होंने बैनामा कराया है। शेष 475 कड़ी भूमि को हनुमानए नईमए विजय बहादुरए बेचईए प्यारेलाल ने बैनामा लिया है।


इसमें विजय बहादुर आदि अपनी क्रय की हुई भूमि के बजाय उसकी भूमि में जबरदस्ती निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर विरोधी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। पीड़ित तहसीलदारए एसडीएम से लेकर डीएम तक को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तहसीलदार के आदेश के बाद क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर गए भी लेकिन यह कहकर लौट आए कि जिसकी लाठी उसकी भैसए हम क्या कर सकते हैं।


मजबूर होकर पीड़ित और उसका भतीजा बुधवार को लखनऊ जाकर सीएम योगी से मिले। सीएम ने न्याय का भरोसा दिलाया इसके बाद भी जिले के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पीड़ित के मुताबिक क्षेत्रीय लेखपाल विपक्ष से मिले हुए हैं। वे सही सीमाकंन नहीं कर रहे हैं। जबकि आधी आधी जमीन दोनों पक्षों में बंटनी है। परेशान पीड़ित ने डीएम को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि यदि प्रशासन उनके साथ न्याय नहीं करता है तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे।


वहीं क्षेत्रीय लेखपाल राम लवट गौतम का कहना है कि उन्हें आधी भूमि चाहिए आधी मिली है। अगर वे अपनी भूमि अलग करना चाहते हैं तो पत्थरनब्स का आर्डर कराये। इसके बाद ही स्थित साफ हो पाएगी। जबकि पीड़ित का दावा है कि उसे उसके बैनामे से बीस फिट कम भूमि दी जा रही है।
By Ran Vijay Singh

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