
चेक- पदक विजेता को सम्मानित करते लोग
रिपोर्ट-रणविजय सिंह
आजमगढ़। हिमालय की वादी में स्थित लद्दाख से कन्याकुमारी तक 4197 किलोमीटर की दूरी साइकिल से 14 दिन 15 घंटा 37 मिनट में पूर्ण कर पुराना रिकार्ड ध्वस्त करने के बाद लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराकर पदक के साथ घर लौटे साइकिलिस्ट आकाश यादव का मंगलवार को गृहक्षेत्र में जोरदार सम्मान किया गया। अहरौला क्षेत्र के माहुल कस्बे में स्थित एक विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में पदक विजेता आकाश को 50 हजार रुपए व अंगवस्त्रम प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। अपने सम्मान से अभिभूत आकाश यादव ने कहा कि उनका लक्ष्य विश्व का सबसे तेज साइक्लिस्ट बनाने का है। मैं आपके प्यार और सम्मान से मिले आशीष के बल पर इस लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करूंगा।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए साइक्लिस्ट आकाश यादव ने कहा कि स्नातक की पढ़ाई करने के बाद हमने केडी सिंह बाबू स्टेडियम लखनऊ की अकादमी में प्रवेश लेकर साइकिल चालन की तैयारी की। इसके बाद 13 जून 2016 को लद्दाख से साइकिल चलाकर कन्याकुमारी तक 4197 किलोमीटर की दूरी मैंने 14 दिन 15 घंटा 37 मिनट में पूरा कर लिया। हमने इस दूरी को नापने के लिए सेना द्वारा 15 दिन 14 घंटे 17 मिनट में बनाए गए रिकार्ड को पछाड़ा। अब हमारा अगला लक्ष्य विश्व का सबसे तेज साइक्लिस्ट बनाने का है। इस मौके पर रफी मेमोरियल स्कूल माहुल के प्रबंधक लियाकत अली ने कहा कि हमारे क्षेत्र में ऐसी प्रतिभा के धनी युवा मौजूद हैं, जिसका हम सभी को गर्व है। आज इस पदक विजेता साइकिलिस्ट को सम्मानित करने में हमें अपार खुशी महसूस हो रही है।
इस मौके पर पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव, हाजी मोहम्मद अकरम खान, प्रधानाचार्य अनवर आलम, बदरे आलम, बब्लू सिंह, डा. सुरेश यादव, मिस्टर खान, अयाज अहमद, धीरज पांडेय, मोहम्मद राशिद, असद माहुली समेत क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह का संचालन पूर्व विधायक डा. हाफिज इरशाद ने किया।
Published on:
31 Jul 2018 09:19 pm
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