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मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय हिरासत में, बोले- सरकार आम आदमी की आवाज नहीं दबा सकती

आजमगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विरोध में पदयात्रा निकाल रहे मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ. संदीप पांडेय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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पुलिस हिरासत में डॉ संदीप और अन्य

पुलिस हिरासत में डॉ संदीप और अन्य

एयरपोर्ट का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ अब पुलिस भी मैदान में उतर गई है। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संदीप पांडेय एयरपोर्ट के विरोध में पदयात्रा निकाल रहे थे। शनिवार को वे वाराणसी से आजमगढ़ आने वाले थे। कैंट स्टेशन पर ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इसका कारण अनुमति न होना बताया।

पांच घंटे गेस्टहाउस में रखे गए डॉ. संदीप
पुलिस ने वाराणसी कैंट स्टेशन पर उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें और उनके साथियों को पांच घंटे गेस्टहाउस में रखा। इस दौरान पुलिस ने उनकी निगरानी की। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।


डॉ. संदीप ने नहीं ली थी अनुमति
पुलिस के मुताबिक वर्तमान में धारा-144 लागू है। उन्होंने पदयात्रा की अनुमति भी नहीं ली थी। यही नहीं कोविड प्रोटोकॉल भी उन्हें रोकने का एक बड़ा कारण है। दोपहर बाद डॉ. संदीप को उनके साथियों के साथ लखनऊ जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया गया।


प्रदर्शन में शामिल हुए थे डॉ. संदीप
डॉ. संदीप पांडेय पिछले दिनों आजमगढ़ में किसानों के आंदोलन में शामिल हुए थे। वे लगातार एयरपोर्ट का विरोध कर रहे है। जबरदस्ती एयरपोर्ट का निर्माण सरकार की मनमानी करार दे रहे है। अब फिर वे किसानों से मिलने वाले थे।

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पुलिस पर लगाया मनमानी का आरोप
डॉ. संदीप और उनके साथियों ने कहा कि सरकार मनमानी कर ही है। वह शांतिपूर्ण ढंग से आजमगढ़ जा रहे थे। इसके बाद भी उन्हें रोक दिया गया। इस तरह आम आदमी की आवाज नहीं दबाई जा सकती है। कहा कि कृषि की जमीन का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। न अपनी आजीविका का साधन आसानी से बदला जा सकता है। भू-अधिग्रहण अधिनियम के तहत भी किसानों से उनकी मर्जी के बिना जमीन नहीं ली जा सकती है।